जानिये- हरियाणा के किस जिले में अब घर की नेम प्लेट पर होगा बेटियों का नाम

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मनुजता का सकल संसार में आधार है बेटी। समर्पण, त्याग, ममता, प्यार केवल प्यार है बेटी। बचाओ भी, पढ़ाओ भी, करो सब पूर्ण इच्छाएं। दिया है रब ने जो सबसे हंसी उपहार है बेटी।’ कवि दिनेश रघुवंशी की दिल को छू लेने वाली इन पंक्तियों के भावों के अनुरूप जिला प्रशासन बेटियों को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल कर रहा है। जिला प्रशासन ऐसी योजना पर काम कर रहा है, जिसमें गांवों में ग्रामीण अपने घर के बाहर नेम प्लेट बड़ी बेटी के नाम से जरूर लगवाएं, ताकि संदेश जाए कि बेटियां घर का अहम हिस्सा हैं और इसे देखकर अन्य लोग भी जागरूक हो सकें। गांवों में बेटियों की सेहत से लेकर उनके आगे बढ़ने से संबंधित योजनाओं का लाभ भी उन तक पहुंचे, इस बारे भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।

गांव में होगा सर्वे

जिला प्रशासन सभी गांव से डाटा जुटाएगा, इसमें देखा जाएगा किस गांव में कितना लिंगानुपात है। जिस गांव में बेटियों की संख्या कम होगी, वहां आमजन को जागरूक किया जाएगा। गांव में जगह-जगह नोटिस बोर्ड भी लगाने की योजना है। इन बोर्ड पर बेटियों के लिए पूरा डाइट चार्ट होगा और वह भी उम्र के हिसाब से ताकि इनके संपूर्ण विकास में कोई कमी न रहे। साथ ही बेटियों को लेकर केंद्र व राज्य सरकार की तमाम योजनाओं के बारे में भी ग्रामीणों को बताया जाएगा ताकि वह इसका लाभ उठा सकें। इस बाबत तीनों उपमंडल के एसडीएम पहल कर रहे हैं। उन्होंने तीनों बीडीपीओ सहित अन्य अधिकारियों को इस बाबत तुरंत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। जल्द गांव में बड़े स्तर पर इस तरह की गतिविधियां शुरू होंगी।

बेटियां हमारे घर की शान होती हैं। आज परिस्थितियां बदल रही हैं। बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। इसलिए अब बेटी-बेटे में कतई फर्क नहीं करना चाहिए। बस इसी संदेश के साथ गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। -जितेंद्र कुमार, एसडीएम, फरीदाबाद

केंद्र व प्रदेश सरकार भी बेटियों को लेकर कई योजनाएं लागू कर चुकी है। बस इन्हीं को आमजन तक पहुंचाना है। ग्रामीणों को समझाएंगे कि बेटी-बेटे में कोई फर्क नहीं हैं। लोग पढ़े-लिखे हैं इसलिए हमें उम्मीद है सफलता जरूर मिलेगी। -पंकज सेतिया, एसडीएम, बड़खल

बेटियां हमारे घर की शान होती हैं, बेटियों से ही रौनक होती है। हालांकि अब काफी बदलाव आ चुका है लेकिन बहुत लोगों को जागरूक करना बाकी है। इसलिए जागरूकता अभियान बड़े स्तर पर चलाएंगे और आमजन को जागरूक करेंगे। -अपराजिता, एसडीएम, बल्लभगढ़

बेटी घर की शोभा होती हैं। बेटियों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने की प्रशासन की अच्छी पहल है। इसे लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। इस अभियान को और गति दी जाएगी। -सविता, सरपंच, फरीदपुर

हम सभी को भी जागरूक होना होगा कि बेटा-बेटी एक समान होते हैं। इनमें कोई फर्क नहीं करना चाहिए। बेटी आज हर क्षेत्र में सफलता के चरम पर हैं। इसलिए हमें इस अभियान को गति देनी चाहिए।