जानिए कब तक पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्रों में हैं बारिश के आसार, कहां होगी बर्फबारी

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नई दिल्ली,  उत्तर भारत के पहाड़ों पर मौसम के मिजाज तल्ख बने हुए हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आगामी पांच मई तक पहाड़ से लेकर मैदान बारिश के आसार बन रहे हैं। इसके अलावा कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं ऊंची चोटियों पर बर्फबारी भी संभव है। दिल्‍ली-एनसीआर शुक्रवार से आसमान साफ हो जाएगा, लेकिन सोमवार से फिर करवट लेगा।

स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया कि दिल्‍ली-एनसीआर में शुक्रवार को आसमान साफ हो जाएगा और रविवार तक साफ ही रहेगा। ऐसे में गर्मी और तापमान बढ़ने लगेगा। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सोमवार को मौसम फिर बदलेगा और अगले तीन दिन तक बादल भी छाए रहेंगे और बारिश होने की संभावना भी बनी रहेगी।

 

उत्तराखंड के कई मैदानी इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने से इस बीच कुमाऊं के पिथौरागढ़ में बारिश से मलबा आने हाईवे बंद हो गया और बागेश्वर जिले के एक गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक गांव में विद्युत उपकरण फुंक गए। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि शनिवार को भी मौसम के मिजाज को कोई बदलाव नहीं होने वाला है। पहाड़ से मैदान तक बारिश की संभावना है।

 

हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को दिनभर धूप खिले रहने से ऊना का तापमान अभी तक के सबसे उच्च स्तर 38 डिग्री पर पहुंच गया। प्रदेश में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने दो मई से मौसम बदलने के साथ ही तीन दिन के लिए आंधी, ओलावृष्टि और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

 

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी-पानी से दीवार ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि वज्रपात से दो लोगों की जान चली गई। वहीं, खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। बाराबंकी, बहराइच, सीतापुर, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, अमेठी और आंबेडकरनगर में गुरुवार की रात आंधी-पानी ने कहर ढाया। श्रावस्ती, बलरामपुर में तेज बारिश हुई। गोंडा में जमकर बारिश हुई।

अलीगढ़ सहित पश्चिमी यूपी के कई जिलों में गुरुवार देर शाम आंधी के साथ बारिश हुई। ग्रामीण इलाकों में तो कई जगह ओलावृष्टि हुई। मौसम बिगड़ता देख खेतों में पड़ा गेहूं समेटने को किसानों ने दौड़ लगा दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. उपेंद्र सिंह का कहना है कि गेहूं के दाने बारिश के कारण काले पड़ सकते हैं।

 

बिहार के कई जिलों में गुरुवार शाम को तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से मौसम बदल गया है। वहीं कई इलाके में तेज तूफान के साथ हो रही बरसात की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वज्रपात से पांच लोगों के मौत की खबर है। पूर्वी चंपारण, बांका, जमुई और नालंदा जिले में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हो गई, जिसमें दो किशोर शामिल है।

 

झारखंड के कई इलाकों में गुरुवार देरशाम तेज आंधी के साथ जोरदार बारिश हुई। तूफान और प्रचंड वेग के साथ चल रही हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए हैं। सिमडेगा जिले में हवा की रफ्तार इतनी तेज है कि कई पेड़ उखड़ कर गिर पड़े। पेड़ के गिरने के कारण आवागमन भी प्रभावित हो गया है।