केरल में घमासान, SFI ने काला झंडा दिखाया तो धरने पर बैठ गए राज्यपाल, केंद्र ने दी CRPF की Z+ सुरक्षा

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केरल में एक बार फिर से घमासान की स्थिति बन गई है. राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान कोल्लम जिले के निलमेल में शनिवार को ‘स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया’(एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने फिर से काला झंडा दिखाया और विरोध प्रदर्शन किया. इधर इसके विरोध में राज्यपाल भी धरने पर बैठक गए. केरल में राज्यपाल के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है.

केरल के राज्यपाल को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा

‘स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) के बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सीआरपीएफ की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा दी प्रदान की है. इसकी जानकारी केरल राजभवन ने एक्स पर पोस्ट कर दी है.

एसएफआई सदस्यों के विरोध करने पर केरल के राज्यपाल ने सड़क किनारे प्रदर्शन किया

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान कोल्लम जिले के निलमेल में शनिवार को उनके खिलाफ ‘स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया’(एसएफआई) के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन करने पर अपने वाहन से बाहर निकले और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क किनारे एक दुकान के सामने बैठ गए. खान एमसी रोड पर एक दुकान से कुर्सी लेकर वहीं बैठ गए और उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

गुस्से में दिखे राज्यपाल खान

सोशल मीडिया में जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उसमें राज्यपाल खान काफी गुस्से में दिख रहे हैं. खान को पुलिसकर्मियों से सख्त लहजे से बात करते देखा जा सकता है. घटनास्थल पर पुलिस के अलावा अन्य अधिकारी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए.

कोट्टाराक्कारा जाने के क्रम में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों ने दिखाया काला झंडा

गौरतलब है कि राज्यपाल एक समारोह के लिए कोट्टाराक्कारा जा रहे थे, तभी राज्य में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र शाखा ‘स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया’ के कई सदस्यों ने रास्ते में काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया.

राज्यपाल का क्यों हो रहा विरोध?

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और वामपंथी सरकार के बीच राज्य के विश्वविद्यालयों के कामकाज और विधानसभा द्वारा पारित कुछ विधेयकों पर हस्ताक्षर न करने समेत कई मामलों को लेकर तनातनी की स्थिति है.

सरकार और राज्यपाल के बीच तनाव जारी

केरल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा सरकार और खान के बीच जारी तनाव के बीच राज्यपाल ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए गुरुवार को विधानसभा में अपना अभिभाषण केवल अंतिम पैराग्राफ पढ़कर समाप्त कर दिया था और इस तरह उन्होंने सरकार से अपनी नाराजगी का संकेत दिया था.

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