Karnataka: कांग्रेस के बड़े नेताओं को चुनौती देने के पीछे क्या है बीजेपी की योजना, इन सीटों पर कांटे की टक्कर

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कर्नाटक के दो निर्वाचन क्षेत्रों में कड़ा मुकाबला होने की संभावना प्रतीत हो रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सिद्धारमैया और डी के शिवकुमार के खिलाफ पार्टी के बड़े नेताओं को मैदान में उतार दिया है.

बीजेपी ने सिद्धरमैया और शिवकुमार के खिलाफ उतारा मजबूत उम्मीदवार

भाजपा ने मंगलवार को 189 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची घोषित करते हुए वरिष्ठ मंत्री वी सोमन्ना को वरुणा विधानसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ जबकि आर अशोक को कनकपुरा सीट पर कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार के खिलाफ खड़ा किया.

कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारने के पीछे बीजेपी की क्या है मंशा?

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार को उतारने के पीछे बीजेपी की आखिर मंशा क्या हो सकती है. जानकार का यह दावा है कि इस कदम से सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों अपने-अपने क्षेत्रों से यथासंभव हद तक बंध जाएं, ताकि कांग्रेस की जीत के लिए अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में उनका प्रचार और रणनीति बनाना सीमित हो सके. शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों ने कथित तौर पर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से कहा है कि वे केवल अपना नामांकन दाखिल करने के लिए ही अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाएंगे और अपना पूरा समय अन्य कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने के लिए लगाएंगे ताकि अधिकांश क्षेत्रों में पार्टी की जीत सुनिश्चित की जा सके.

लिंगायत समुदाय से आते हैं वी सोमन्ना, जबकि आर अशोक वोक्कालिगा समुदाय से

सोमन्ना लिंगायत समुदाय से आते हैं और इस समुदाय की वरुणा में अच्छी खासी मौजूदगी है, जबकि अशोक को भाजपा के प्रमुख वोक्कालिगा चेहरे के तौर पर देखा जाता है, जिससे शिवकुमार भी आते हैं. सोमन्ना चामराजनगर से भी चुनाव लड़ेंगे और अशोक पद्मनाभनगर क्षेत्र से (जिसका वह वर्तमान में प्रतिनिधित्व करते हैं).

भाजपा की पहली सूची में 50 से अधिक लिंगायत समुदाय के और 40 वोक्कालिगा समुदाय के उम्मीदवार

भाजपा की पहली सूची में 50 से अधिक उम्मीदवार श्री येदियुरप्पा के लिंगायत समुदाय के हैं, जबकि 40 वोक्कालिगा समुदाय के हैं. 2018 के चुनाव में बीजेपी ने 55 लिंगायत उम्मीदवार उतारे थे. गौरतलब है कि भाजपा ने पहली सूची में 189 उम्मीदवारों को मैदान पर उतारा है.

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