Karnataka Election: टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा में बगावत, कई दिग्गज ने इस्तीफा दिया, तो कुछ ने लिया संन्यास

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कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए दो सूचियों में 212 उम्मीदवारों की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बगावत की स्थिति पैदा हो गई है. टिकट ना मिलने से नाराज कुछ नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है जबकि कुछ अन्य दलों से चुनाव लड़ने की तैयारी है. ऐसे में सत्ताधारी पार्टी के वरिष्ठ नेता असंतोष की इस आंच को कम करने में जुट गए हैं.

बीजेपी ने अबतक 212 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है

कई दौर के विचार-विमर्श के बाद भाजपा ने मंगलवार को 189 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची और बुधवार रात 23 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की. राज्य विधानसभा में कुल 224 सीटे हैं. पार्टी ने अभी तक 12 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है.

टिकट कटने से नाराज एम पी कुमारस्वामी ने इस्तीफा देने की कर दी घोषणा

मुडिगेरे से तीन बार के विधायक एम पी कुमारस्वामी ने और हावेरी से विधायक नेहरू ओलेकर ने टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की. कुमारस्वामी ने भाजपा द्वारा टिकट काटे जाने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि वह विधायक के तौर पर भी विधानसभा अध्यक्ष को जल्द ही अपना इस्तीफा सौंप देंगे. अनुसूचित जाति समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 65 वर्षीय ओलेकर दो बार के विधायक हैं. पार्टी द्वारा की गई अनदेखी से खफा ओलेकर ने सड़क पर उतर समर्थकों के साथ प्रदर्शन भी किया.ओलेकर की जगह हावेरी (एससी) निर्वाचन क्षेत्र में गविसिद्दप्पा दयामनवर को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है. ओलेकर ने दावा किया कि हजारों भाजपा कार्यकर्ता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं.

एस अंगारा ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की

मंत्री और दक्षिण कन्नड़ जिले के सुलिया निर्वाचन क्षेत्र से छह बार के विधायक एस अंगारा ने फिर से टिकट ना मिलने पर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की.

रघुपति भट टिकट न मिलने से नाराज, एमएलसी आर शंकर ने विधायक पद से दिया इस्तीफा

उडुपी के विधायक रघुपति भट ने कहा है कि वह पार्टी द्वारा उनके साथ किए गए व्यवहार से बहुत दुखी हैं. रानेबेन्नूर विधानसभा सीट के लिए आकांक्षी भाजपा एमएलसी आर शंकर ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया क्योंकि पार्टी ने उनके अनुरोध को नजरअंदाज कर दिया था.

विधायक गूलीहट्टी शेखर ने जनार्दन रेड्डी के साथ जाने का मन बनाया

होसदुर्ग से विधायक गूलीहट्टी शेखर ने कहा है कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे या पूर्व मंत्री एवं खनन कारोबारी जी जनार्दन रेड्डी के नवगठित कल्याण राज्य प्रगति पक्ष में शामिल होंगे. उन्होंने कहा, मैं अपने समर्थकों से विचार-विमर्श करने के बाद जल्द फैसला करूंगा.

रूठों को मनाने में जुटे मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई

पार्टी में मचे इस घमासान पर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा, टिकट पाने की उम्मीद रखने कुछ नेताओं और विधायकों ने इस्तीफे की घोषणा की है. कुछ ने इस्तीफा भी दे दिया है. हम कार्यकर्ताओं और नेताओं से बात कर रहे हैं और चीजों को कुल मिलाकर हल किया जाएगा. वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी द्वारा पार्टी छोड़ने की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर बोम्मई ने कहा, उन्हें निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के विश्वास को बनाए रखना होगा, जिनकी वजह से वह दबाव में होंगे. इसलिए इसमें कुछ समय लगेगा, लेकिन इसे हल कर लिया जाएगा.

उम्मीदवारों का चयन ‘सर्वेक्षण रिपोर्ट’ के आधार पर किया गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन ‘सर्वेक्षण रिपोर्ट’ के आधार पर किया गया है और वह मुडिगेरे के विधायक कुमारस्वामी से भी बात करेंगे और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि वह पार्टी में बने रहें. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि कुछ स्थानों पर पार्टी के चंद सदस्यों के बीच असंतोष है और कुछ बयान भी सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि वह सभी से व्यक्तिगत रूप से बात करेंगे.

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