JSW Infrastructure IPO Listing: जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा के शेयर 20% ऊपर लिस्ट, हर लॉट पर मिला 3024 का मुनाफा

4

JSW Infrastructure IPO Listing: जेएसडब्ल्यू समूह (JSW Group) की कंपनी जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर का शेयर की आज बाजार में लिस्टिंग हो गयी. कंपनी के शेयर 20 प्रतिशत प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए. यानी हर लॉट पर निवेशक को करीब 3024 रुपये का मुनाफा है. कंपनी करीब 13 साल के बाद पिछले सप्ताह अपना आईपीओ लेकर आयी थी. जेएसडब्ल्यू समूह के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने कहा है कि वाणिज्यिक बंदरगाहों का संचालन करने वाली जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर के पास अपना कारोबार बढ़ाने की काफी क्षमता है और उसका लक्ष्य एक वैश्विक कंपनी बनना है. कंपनी मंगलवार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई. जिंदल ने शेयर सूचीबद्ध होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में सिंगापुर का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि यह एक ‘सिटी स्टेट’ है और पूरे भारत की तुलना में अधिक माल संभालता है. हम ऐसे बंदरगाह भी बना सकते हैं जो न केवल हमारे अपने बल्कि आसपास के देशों के माल को भी संभाल सकें. उन्होंने कहा कि हम केवल भारत केंद्रित नहीं सोच सकते. हमें वैश्विक स्तर पर सोचना होगा और हमें वास्तव में खुद को एक वैश्विक कंपनी के रूप में बनाना होगा. इसलिए हमें वास्तव में उन स्तरों पर सोचना होगा. उन्होंने आगे कहा कि भारत की तटरेखा बड़ी है और देश में लॉजिस्टिक लागत दुनिया में सबसे ज्यादा है. देश में वस्तुओं की परिवहन लागत सबसे ज्यादा है. इसीलिए जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा के पास अपने कारोबार को ठीक उसी प्रकार से बढ़ाने की संभावना है, जैसा कि सरकार ने कॉनकॉर के रूप में सृजित किया है. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कॉनकॉर (कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) कंटेनर वाले कार्गो के लिये लॉजिस्टिक समाधान उपलब्ध कराती है.

37.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था आईपीओ

निवेशकों ने कंपनी के आईपीओ को जबरदस्त रिस्पॉस दिया था. बोली के आखिरी दिन 37.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था. जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर के 2,800 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत मूल्य दायरा 113-119 रुपये प्रति शेयर था. यह पूरी तरह नए शेयरों का निर्गम है. बीएसई के नोटिस के अनुसार, जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के इक्विटी शेयरों को आज सूचीबद्ध किया जाएगा और इनका लेनदेन प्रतिभूतियों के ‘बी’ समूह की सूची में होगा. पूंजी बाजार नियामक सेबी ने अगस्त में आईपीओ बंद होने के बाद शेयर बाजारों पर शेयरों को सूचीबद्ध करने की समयसीमा छह दिन (टी+6) से घटाकर तीन दिन (टी+3) कर दी थी. फिलहाल यह समयसीमा सभी सार्वजनिक निर्गमों के लिए स्वैच्छिक है, लेकिन एक दिसंबर, 2023 के बाद ऐसा करना अनिवार्य होगा.

ग्रे मार्केट में भी मिली बेहतर प्रतिक्रिया

जेएसडब्ल्यू इंफास्ट्रक्चर के आईपीओ को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉंस मिल है. कंपनी का आईपीओ 23 रुपये प्रीमियम तक पर ट्रेड किया है. ग्रे मार्केट में माना जा रहा है कि जेएसडब्ल्यू इंफास्ट्रक्चर का स्टॉक बीएसई और एनएसई पर 143 से 149 रुपये के बीच लिस्ट होगा. बता दें कि जेएसडब्ल्यू इंफ्रा का पूरा बिजनेस मरीन से जूड़ा हुआ है. इसमें स्टोरेज सॉल्यूशन, कार्गो हैंडलिंग से लेकर लॉजिस्टिक सर्विसेज तक शामिल है. वित्तीय वर्ष 2022-23 में जेएसडब्ल्यू इंफ्रा का रेवेन्यू 3372.85 करोड़ रुपये रहा था. इस दौरान कंपनी ने करीब 749 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा कमाया था.

रजिस्ट्रर्ड पोर्टल पर आवंटन की स्थिति कैसे जांचें

रजिस्ट्रर्ड पोर्टल पर जाएं. उपलब्ध लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको पांच लिंक देखने को मिलेंगे, जहां स्टेटस चेक किया जा सकता है.

  • किसी एक लिंक पर क्लिक करके, आईपीओ अनुभाग में ड्रॉपडाउन मेनू से जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का चयन करें.

  • आवंटन स्थिति की जांच करने के लिए तीन विकल्पों में से किसी एक का चयन करें, यानी आवेदन संख्या, डीमैट खाता या पैन.

  • यदि आपने पहला विकल्प चुना है, तो आवेदन संख्या और कैप्चा कोड टाइप करें, फिर ‘सबमिट’ पर क्लिक करें.

  • यदि आपने डीमैट खाता संख्या के माध्यम से स्थिति जांचने का विकल्प चुना है, तो इसे टाइप करें और ‘सबमिट’ पर क्लिक करने से पहले कैप्चा कोड दर्ज करें.

  • तीसरे विकल्प के लिए अपना पैन नंबर डालें और कैप्चा कोड टाइप करें. ‘सबमिट’ पर क्लिक करें.

बीएसई और एनएसई पर आवंटन स्थिति की जांच कैसे करें

बीएसई के लिए, आधिकारिक साइट पर आवंटन पृष्ठ पर जाएं. अब ‘इश्यू टाइप’ सेक्शन के तहत ‘इक्विटी’ चुनें. ‘इश्यू नेम’ के तहत ड्रॉपडाउन विकल्प से आईपीओ चुनें.

स्थिति जांचने के लिए अपना पैन या आवेदन नंबर दर्ज करें.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट पर जाएं.

उसे साइन अप करने के लिए क्लिक करें’ विकल्प चुनें और अपने पैन के साथ खुद को पंजीकृत करें. अब यूजरनेम, पासवर्ड और कैप्चा कोड के जरिए लॉगइन करें. खुलने वाले नए पेज पर अपना आईपीओ आवंटन स्थिति जांचें.

सेकेंड हैंड आईपीओ का बाजार है ग्रे मार्केट

ग्रे मार्केट को आसान शब्दों में IPO का सेकेंड हैंड बाजार कहा जा सकता है. इसका अर्थ है कि आईपीओ जारी होने के बाद आप सीधे शेयर बाजार से खरीदारी करने के बजाये किसी निवेशक जिसने पहले से कंपनी में निवेश कर रखा है उससे आईपीओ की खरीदारी करते हैं. इस ग्रे मार्केट में सबसे बड़ी परेशानी ये आती है कि इसमें काम करने वाले सेलर, ब्रोकर और ट्रेडर कहीं भी रजिस्टर्ड नहीं होते हैं. इस बाजार में कोई नियम कानून नहीं है. केवल भरोसे और व्यक्तिगत बातचीत पर कारोबार होता है. वहीं, पैसे फंसने पर रिकवरी भी आपको खुद अपने माध्यम से ही करनी पड़ती है.

आईपीओ क्या होता है

आईपीओ का पूरा नाम Initial Public Offering है. यह एक वित्तीय प्रक्रिया है जिसमें किसी प्राइवेट कंपनी ने अपने स्टॉक के खुले बाजार में निवेशकों के लिए प्रस्तावना जारी करने का निर्णय लिया होता है. यह उस कंपनी के लिए पहली बार होता है जब वह खुले बाजार में अपने शेयरों को बेचने के लिए जाती है. जब एक कंपनी आईपीओ जारी करती है, तो वह अपने शेयरों का प्रचार प्रसार करती है और इंवेस्टर्स को अपने शेयरों को खरीदने का मौका देती है. आईपीओ के माध्यम से कंपनी उसके स्टॉक को सार्वजनिक और न्यूजीज माध्यमों के माध्यम से निवेशकों के लिए उपलब्ध कराती है ताकि वे उसे खरीद सकें. आईपीओ के माध्यम से कंपनी अधिकतर अपने स्टॉक के लिए नए निवेशकों को खींचने की कोशिश करती है और इसके माध्यम से कंपनी अधिकतर पूंजी एकत्र करके अपने विकास और वित्तीय योजनाओं को पूरा करती है. यह निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प होता है क्योंकि यह उन्हें एक सार्वजनिक कंपनी के मालिक बनाने का अवसर प्रदान करता है.

Source link

Get real time updates directly on you device, subscribe now.