चंद्रयान-3 की सफल लॉचिंग के बाद ISRO का एक और मिशन, PSLV-C56 छह उपग्रहों के साथ अंतरिक्ष के लिए होगा रवाना

4

अमेरिका, रूस और चीन की बराबरी कर लेगा भारत
बता दें, भारत ने 14 जुलाई को LVM3-M4 रॉकेट के जरिये अपने तीसरे मून मिशन यानी चंद्रयान-3 की सफल लॉन्चिंग की. चंद्रयान-3  41 दिन की अपनी यात्रा में चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश करेगा. बता दें दक्षिणी ध्रुव पर अभी तक किसी देश ने सॉफ्ट लैंडिंग नहीं की है. चांद की सतह पर अबतक अमेरिका, पूर्व सोवियत संघ और चीन सॉफ्ट लैंडिंग कर चुके हैं. लेकिन, उनकी सॉफ्ट लैंडिंग चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर नहीं हो सकी है. वहीं, अगर इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) का 600 करोड़ रुपये का चंद्रयान-3 मिशन चार साल में अंतरिक्ष एजेंसी के दूसरे प्रयास में लैंडर को उतारने में सफल हो जाता है, तो अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ के बाद भारत चांद की सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग की तकनीक में सफलता प्राप्त करने वाला चौथा देश बन जाएगा.

Source link

Get real time updates directly on you device, subscribe now.