Israel War: भारत में व्यापार से लेकर सोने-चांदी की कीमतें होगी प्रभावित, जानें क्यों बढ़ी व्यापारियों की चिंता

33

Israel Hamas War: भारत में इजलाइल और हमास के बीच जारी जंग का असर भारतीय बाजार और अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है. भैतिक बाजार में सोने-चांदी की मांग बढ़ी है. इससे सोने पर प्रीमियम तेजी से बढ़ गया है. इससे सोने-चांदी के दाम (Gold-Silver Price Hike) में भी तेजी आ गयी है. बताया जा रहा है कि सोने पर प्रीमियम सात हजार रुपये बढ़ गया है. अब 10 ग्राम सोने पर प्रीमियम दो हजार रुपये हो गया है. इससे पहले 10 ग्राम सोने पर प्रीमियम केवल 1300 रुपये था. तेज प्रीमियम के कारण कई स्थानों पर सर्राफा व्यापारियों सोना बेचने से मना कर दिया है. जबकि, चांदी पर प्रीमियम प्रति किलो पर एक हजार रुपये बढ़ गया है. वर्तमान में चांदी पर 3500 रुपये प्रीमियम लग रहा है. इससे पहले केवल 2500 रुपये लगता था. भारतीय सर्राफा व्यापारियों को ये परेशानी का सामना ऐसे वक्त पर करना पड़ रहा है, जब भारतीय बाजार में सोने की मांग बढ़ी हुई है. त्योहारी और शादियों के सीजन के कारण हर साल अक्टूबर से दिसंबर तक मांग में तेजी बनी रहती है. भारत में हर साल 700-800 टन सोने की खपत होती है. मगर, इसमें से केवल 1 टन का उत्पादन भारत में होता है. देश में बाकी सोना बाहर से मंगवाया जाता है.

बीमा प्रीमियम और शिपिंग पर भी पड़ेगा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल को माल भेजने वाले भारतीय निर्यातकों को इजराइल-हमास संघर्ष के कारण उच्च बीमा प्रीमियम और शिपिंग लागत का सामना करना पड़ सकता है. हमास के आतंकवादियों ने शनिवार को एक प्रमुख यहूदी अवकाश के दौरान इजराइल पर अप्रत्याशित हमला कर दिया था, जिससे वहां स्थिति बिगड़ गई. अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष घरेलू निर्यातकों के मुनाफे को कम कर सकता है, हालांकि स्थिति के ज्यादा न बिगड़ने तक व्यापार के आकार पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने रविवार को कहा कि भारत के व्यापारिक निर्यात के लिए संघर्ष के कारण बीमा प्रीमियम और शिपिंग लागत में वृद्धि हो सकती है. भारत की ईसीजीसी इजराइल को निर्यात करने वाली भारतीय कंपनियों से अधिक जोखिम प्रीमियम वसूल सकती है. ईसीजीसी लिमिटेड (पूर्व में एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) का पूर्ण स्वामित्व भारत सरकार के पास है.

बंदरगाह प्रभावित होने से गंभीर होंगे हालत

मुंबई स्थित निर्यातक एवं टेक्नोक्राफ्ट इंडस्ट्रीज इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है, तो उस क्षेत्र के हमारे निर्यातकों के लिए चीजें खराब हो सकती हैं. जबकि, जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि अगर इज़राइल के तीन सबसे बड़े बंदरगाहों हाइफा, अशदोद और इलियट पर परिचालन बाधित हुआ तो व्यापार गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है. भारत-इज़राइल का माल तथा सेवा क्षेत्रों में व्यापार 2022-2023 में 12 अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है. सन फार्मा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो, टेक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और इंफोसिस जैसी भारतीय कंपनियों की इजराइल में उपस्थिति है. इजराइली कंपनियों ने भारत में नवीकरणीय ऊर्जा, रियल एस्टेट और जल प्रौद्योगिकियों में निवेश किया है. वे भारत में अनुसंधान एवं विकास केंद्र तथा उत्पादन इकाइयां भी स्थापित कर रही हैं. अप्रैल 2000 से जून 2023 के बीच इज़राइली कंपनियों ने भारत में 28.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश (एफडीआई) किया है.

एयर इंडिया ने तेल अवीव की उड़ानें 14 अक्टूबर तक की रद्द

एयर इंडिया ने इजराइल के तेल अवीव की सभी उड़ानें 14 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं. कंपनी के 14 कर्मी तेल अवीव से भारत लौट आए हैं. इजराइल के तेल अवीव पर शनिवार को हमास आतंकवादियों द्वारा हमला करने के बाद वहां युद्ध जैसे हालात हो गए हैं. कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि चालक दल के सदस्यों समेत कुल 14 कर्मी तेल अवीव से इथियोपिया की उड़ान से नयी दिल्ली लौट आए हैं. एयरलाइन के एक प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तेल अवीव जाने वाली और वहां से आने वाली सभी उड़ानें 14 अक्टूबर 2023 तक रद्द कर दी गई हैं. एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, इस अवधि के लिए टिकट बुक कर चुके यात्रियों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा. एयरलाइन तेल अवीव के लिए पांच साप्ताहिक उड़ानें संचालित करती है. ये उड़ानें सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को संचालित की जाती हैं. एयरलाइन ने शनिवार को भी तेल अवीव से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी थीं.

Source link

Get real time updates directly on you device, subscribe now.