IPL 2020 से BCCI ने कमाए इतने हजार करोड़ रुपये, हो गया खुलासा 

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 13वें सीजन का आगाज मार्च के महीने में करना चाहता था, लेकिन मार्च 2020 में ही कोरोना वायरस का प्रकोप देखने को मिला और इस लीग को स्थगित करना पड़ा। एक समय ऐसा लग रहा था कि 2020 में आइपीएल का आयोजन संभव नहीं है, लेकिन बीसीसीआइ ने ऐसा होने नहीं दिया। बीसीसीआइ यूएई की सरजमीं पर आइपीएल की आयोजन कराया और मोटी रकम भी कमाई।

IPL भारतीय क्रिकेट बोर्ड के लिए कमाई का सबसे बड़ा जरिया रहा है। यही कारण है कि बीसीसीआइ हर हाल में आइपीएल का आयोजन कराना चाहती थी। 4000 करोड़ रुपये के घाटे में चल रही बीसीसीआइ ने टूर्नामेंट को भारत के बाहर आयोजित कराने का मन बनाया और इसे सफल कराया। जुलाई में बीसीसीआइ ने पुष्टि की थी कि आइपीएल 2020 की मेजबानी संयुक्त अरब अमीरात करेगा। फ्रेंचाइजियों ने अपने खिलाड़ियों को सूचना दी और लगभग सभी खिलाड़ी इसके लिए तैयार हो गए।

19 सितंबर से 10 नवंबर तक यूएई के शारजाह, अबू धाबी और दुबई में आइपीएल के सभी मुकाबले खेले गए। अमीरात क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की बदौलत, बीसीसीआइ ने आइपीएल का सफलतापूर्वक मंचन किया और 4000 करोड़ रुपये कमाए। टूर्नामेंट ने रिकॉर्ड व्यूअरशिप भी प्राप्त की। बीसीसीआइ के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने एक इंटरव्यू में आइपीएल 2020 की सफलता के बारे में बात की और महामारी के दौरान बीसीसीआइ द्वारा अर्जित राशि का खुलासा किया।


अरुण धूमल ने बताया, “बोर्ड पिछले आइपीएल की तुलना में लागत का लगभग 35 प्रतिशत कटौती करने में कामयाब रहा। हमने महामारी के दौरान 4000 करोड़ रुपये कमाए। हमारी टीवी दर्शकों की संख्या लगभग 25 प्रतिशत अधिक हो गई है, हमें सबसे ज्यादा आगाज मैच (मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपर किंग्स) की दर्शकों की संख्या मिली है। जिन लोगों ने हम पर संदेह किया, उन्होंने आइपीएल की मेजबानी के लिए हमें धन्यवाद दिया। अगर यह आइपीएल नहीं होता, तो क्रिकेटरों को एक साल का नुकसान होता।”


BCCI के अधिकारी ने यह भी खुलासा किया कि बोर्ड ने 30 हजार से अधिक कोरोना वायरस के टेस्ट आयोजित कराए थे। 1500 से अधिक लोग आइपीएल के सुचारू संचालन में शामिल थे और इसलिए संख्या एक आश्चर्य के रूप में नहीं आती है। शुरुआत में जब चेन्नई सुपर किंग्स के दो खिलाड़ियों और खुद बीसीसीआइ की मेडिकल टीम के सदस्य को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था तो लग रहा था कि इस टूर्नामेंट पर संकट के बादल हैं, लेकिन इसके बाद एक भी मामला सामने नहीं आया था।