‘COP33 समिट की मेजबानी के लिए भारत तैयार’, यूएई में पीएम मोदी ने रखा यह प्रस्ताव

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2028 में भारत में COP33 की मेजबानी करने का प्रस्ताव रखा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत क्लाइमेट चेंज को लेकर होने वाले इस समिट की 2028 में मेजबानी करने के लिए तैयार है. दुबई में सीओपी 28 में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच बेहतरीन संतुलन बनाकर दुनिया के सामने विकास का एक मॉडल पेश किया है. सीओपी 28 में प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि पिछली सदी की गलतियों को सुधारने के लिए हमारे पास ज्यादा समय नहीं है.

COP28 उच्च-स्तरीय खंड के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता को 45 फीसदी तक कम करना है. हमने गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला किया है 50 फीसदी तक. पीएम मोदी ने कहा कि हम 2070 तक नेट जीरो के अपने लक्ष्य की ओर भी आगे बढ़ते रहेंगे.

पीएम मोदी ने किया यह आह्वान

पीएम मोदी ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और अनुकूलन के बीच संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया और कहा कि दुनिया भर में ऊर्जा परिवर्तन न्यायसंगत और समावेशी होना चाहिए. उन्होंने विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए अमीर देशों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरित करने का आह्वान किया. साथ ही देशों से धरती-अनुकूल जीवन पद्धतियों को अपनाने और गहन उपभोक्तावादी व्यवहार से दूर जाने का आग्रह भी किया. पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि यह दृष्टिकोण कार्बन उत्सर्जन को दो अरब टन तक कम कर सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि सभी के हितों की रक्षा की जानी चाहिए और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में सभी की भागीदारी जरूरी है.

भाषा इनपुट से साभार

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