Income Tax Refund: 35 लाख लोगों का आयकर रिफंड लटका, आपका भी नहीं आया पैसा तो जानें कैसे होगा समस्या का समाधान

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Income Tax Refund: आयकर विभाग के द्वारा नौकरी पेशा लोगों को आयकर जमा करने के लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई दी गयी थी. इसके बाद, जिन लोगों ने रिटर्न फाइल किया था, उनके पैसे वापस आने लगे हैं. अगर, अभी तक आपको इनकम टैक्स का रिफंड नहीं मिला है तो विभाग के द्वारा दी गयी बैंक संबंधी जानकारी के बारे में आपको पता होना जरूरी है. आयकर विभाग के द्वारा बताया गया है कि करीब 35 लाख लोगों का इनकम टैक्स रिटर्न इसलिए नहीं मिला है क्योंकि उनके बैंक संबंधी जानकारी में गड़बड़ी या मिसमैच है. हालांकि, इस वित्त वर्ष में विभाग ने 9 अक्टूबर तक 1.50 लाख करोड़ रुपए का रिफंड दिया है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने कहा कि आईटीआर फाइल करने वाले ऐसे लोग जिनकी बैंक संबंधी जानकारी गलत होने के कारण रिटर्न रुका हुआ है, उनके द्वारा दी गयी जानकारी में मामूली रुप से गड़बड़ी है. जैसे कई रिटर्न फाइन करने वालों ने अपना पुराना बैंक खाता नंबर दे दिया है. जबकि, कुछ ने अपना ब्रांच बदल लिया है. इससे उनका IFSC कोड बदल गया था. ऐसे में पैसा खाते में नहीं जा पा रहा है.

अब तक कितने रिटर्न किए गए दाखिल

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने बताया कि इस साल 7.27 करोड़ आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं . हालांकि, वित्त वर्ष 2022-23 में 7.5 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल हुए थे. ऐसे में संभावना जतायी जा रही है कि चालू वित्त वर्ष में पिछले वित्त वर्ष से अधिक रिटर्न दाखिल होंगे. इसके साथ ही, बताया कि जिन लोगों के टैक्स रिफंड नहीं आ रहे हैं वे एक बार अपने बैंक खाते का वेलिडेशन करा लें. ऐसे लोगों के भी रिटर्न नहीं आ रहे हैं जिनपर टैक्स का पहले से बकाया है.

शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 22 प्रतिशत बढ़कर 9.57 लाख करोड़ रुपये, बजट अनुमान का 52.5 प्रतिशत

चालू वित्त वर्ष में नौ अक्टूबर तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 21.82 प्रतिशत बढ़कर 9.57 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी. मुख्य रूप से कंपनियों और व्यक्तिगत करदाताओं की ओर से बेहतर योगदान से शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ा है. इसके साथ ही शुद्ध संग्रह 18.23 लाख करोड़ रुपये के पूरे साल के बजट अनुमान (बीई) का 52.5 प्रतिशत हो गया है. मंत्रालय ने बयान में कहा कि नौ अक्टूबर, 2023 तक प्रत्यक्ष कर संग्रह के शुरुआती आंकड़ों में लगातार तेज वृद्धि देखने को मिली. बयान में कहा गया कि सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 11.07 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 17.95 प्रतिशत अधिक है. सकल राजस्व संग्रह में कॉरपोरेट आयकर (सीआईटी) और व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) की वृद्धि दर क्रमश: 7.30 प्रतिशत और 29.53 (सिर्फ पीआईटी) प्रतिशत रही. प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को मिलाकर पीआईटी की वृद्धि दर 29.08 प्रतिशत रही. रिफंड के समायोजन के बाद सीआईटी संग्रह में शुद्ध वृद्धि 12.39 प्रतिशत है और पीआईटी संग्रह में यह वृद्धि 32.51 प्रतिशत (सिर्फ पीआईटी) और 31.85 प्रतिशत (एसटीटी सहित पीआईटी) है. बयान के मुताबिक, अप्रैल, 2023 से नौ अक्टूबर, 2023 तक 1.50 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया है. आम बजट 2023-24 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 18.23 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष में जुटाए गए 16.61 लाख करोड़ रुपये से 9.75 प्रतिशत अधिक है.

ई-वेरिफिकेशन कैसे करें

इनकम टैक्स भरने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है. इसके लिए आयकर विभाग के द्वारा 120 दिनों का वक्त दिया जाता है. वेरिफिकेशन कराने के लिए सबसे पहले, अपनी इनकम टैक्स रिटर्न को ई-फाइल करें. रिटर्न को ई-फाइल करने के बाद, आपको ई-वेरिफिकेशन का चयन करने के लिए विकल्प दिए जाते हैं. आप ई-वेरिफिकेशन का उपयोग करके अपने रिटर्न को वेरिफाई कर सकते हैं और बिना इंटरनेट बैंकिंग या डीमैट खाता के बैंक अकाउंट को लिंक किए, रिफंड भी प्राप्त कर सकते हैं. आपको ई-वेरिफिकेशन के लिए विभिन्न तरीके उपलब्ध होते हैं. इसमें आधार ओटीपी आधारित वेरिफिकेशन होता है. अपने आधार संख्या के साथ ओटीपी प्राप्त करके ई-वेरिफिकेशन करें. इसके अलावा आप अपने बैंक अकाउंट के साथ भी वेरिफिकेशन करा सकते हैं. आप अपने डीमैट खाता का उपयोग करके भी वेरिफिकेशन कर सकते हैं.

आयकर विभाग की वेबसाइट अधिक सुविधाओं के साथ नए रंगरूप में पेश

आयकर विभाग ने उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस, बेहतर सुविधाओं और नए मॉड्यूल के साथ एक नए रंगरूप में अपनी वेबसाइट पेश की. नयी वेबसाइट को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने उदयपुर में आयकर निदेशालय (सिस्टम) द्वारा आयोजित ‘चिंतन शिविर’ में पेश किया. सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि करदाताओं के अनुभव को बेहतर करने और नयी तकनीक के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए आयकर विभाग ने अपनी राष्ट्रीय वेबसाइट को उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस, बेहतर सुविधाओं और नए मॉड्यूल के साथ नया रूप दिया है. नयी वेबसाइट को मोबाइल के अनुकूल लेआउट के साथ फिर से डिजायन किया गया है. वेबसाइट में नयी सुविधाओं के साथ सामग्री के लिए एक ‘मेगा मेनू’ भी है.

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