Income Tax: एडवांस टैक्स जमा करने की आज है आखिरी तारीख

4

tax2

Income Tax: वित्त वर्ष 2023-24 के लिए एडवांस टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख आज है. अगर, आयकर दाता किसी कारण से आज अपना टैक्स फाइल करने से चूक जाते हैं तो उन्हें इनकम टैक्स की धारा 234B और 243C के तहत पेनल्टी देना पड़ेगा. बता दें कि ऐसी किसी भी नौकरीपेशा व्यक्ति जिनकी टैक्स लायबिलिटी दस हजार रुपये से ज्यादा बनती है, उन्हें एडवांस टैक्स जमा करना होता है. इसके साथ ही, ऐसे व्यक्ति जिनकी सैलरी के अलावा आय का कोई स्रोत है, जैसे मकान का किराया, कैपिटल गेन्स, एफडी, लॉटरी में जीती रकम या अन्य किसी भी सोर्स से इनकम जो आयकर के अंतर्गत आता है, उन्हें एडवांस टैक्स देना होगा.

Also Read: पेटीएम से एसबीआई समेत 4 बैंकों से मिलाया हाथ, चलता रहेगा UPI, शेयर का भाव 5% उछला

कितना देना होगा है एडवांस टैक्स

आयकर विभाग के द्वारा दो तरह से टैक्स की वसूली की जाती है. एक टैक्स एकमुस्त जमा की जाती है. दूसरे एडवांस इनकम टैक्स भुगतान की व्यवस्था की गयी है. इसका अर्थ ही आपकी कमाई से कुल टैक्स चार बार में कट जाता है और आप पर एक बार में बोझ नहीं पड़ता है. टैक्स की पहली किस्त 15 जून तक देनी होती है. इसमें कुल टैक्स लायबिलिटी का 15 प्रतिशत चुकाना होता है. दूसरी किस्त 14 सितंबर तक भुगतान करनी होती है. इसमें कुल टैक्स का 45 प्रतिशत हिस्सा जमा होता है. इसमें पहले का 15 प्रतिशत शामिल है. यानी मोटे तौर पर आपको दूसरे किस्त में 30 प्रतिशत राशि देनी होती है. 15 दिसंबर तक लायबिलिटी 75% हो जाती है, जिसमें जून और सितंबर के भुगतान भी शामिल हैं. वहीं, आखिरी किस्त में पूरा भुगतान करना होता है.

एडवांस टैक्स का भुगतान में इन्हें मिलेगी छूट

एडवांस टैक्स भुगतान में ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स जमा करने में छूट मिलती है जिनका कोई बिजनेस या प्रोफेशन के इनकम नहीं है. साथ ही, सैलरी पर काम करने वाले ऐसे व्यक्ति जिनके इनकम का दूसरा कोई और साधन नहीं है. इनकम टैक्स की धारा 44AE को छोड़कर अनुमानित कराधान योजना (Presumptive Taxation Scheme) को चुनने वाले किसी भी व्यक्ति को एडवांस टैक्स का भुगतान करने की जरूरत नहीं है.

अगर आज चूक गए तो क्या करें?

एडवांस टैक्स किस्त में जमा करने से करदाता पर एक बार में बोझ नहीं पड़ता है. लेकिन अगर आप आज टैक्स जमा करने में चूक जाते हैं तो इनकम टैक्स के सेक्शन 243सी के तहत हर किस्त पर एक प्रतिशत का ब्याज देना होता है. इस दौरान कुल टैक्स पर 10% तक मार्जिन अनुमति है.

Source link

Get real time updates directly on you device, subscribe now.