ICICI बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने रेपो रेट लिंक्ड होम लोन किया महंगा

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“आईसीआईसीआई बैंक बाहरी बेंचमार्क उधार दर (आई-ईबीएलआर) को रेपो दर पर मार्क-अप के साथ आरबीआई पॉलिसी रेपो दर से संदर्भित किया जाता है। 4 मई 2022 से आई-ईबीएलआर 8.10% प्रति वर्ष प्रभावी है।”

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को प्रमुख नीतिगत दरों में 40 आधार अंकों (बीपीएस) की बढ़ोतरी की घोषणा की। इसके साथ ही, नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी 50 आधार अंकों की वृद्धि की गई है, जिससे ब्याज दरों पर और दबाव बढ़ गया है। ऐसे में बैंकों ने आरबीआई की नवीनतम घोषणा के अनुरूप अपने रेपो दर से जुड़े होम लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है।

ऐसे बैंकों में आईसीआईसीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं, जिन्होंने रेपो रेट लिंक्ड लोन ब्याज दरों में वृद्धि की है। आईसीआईसीआई बैंक ने कहा, “आईसीआईसीआई बैंक बाहरी बेंचमार्क उधार दर (आई-ईबीएलआर) को रेपो दर पर मार्क-अप के साथ आरबीआई पॉलिसी रेपो दर से संदर्भित किया जाता है। 4 मई 2022 से आई-ईबीएलआर 8.10% प्रति वर्ष प्रभावी है।”

वहीं, आज से बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी रेपो रेट लिंक्ड होम लोन की ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। 5 मई, 2022 से, खुदरा ऋणों के लिए प्रासंगिक बैंक ऑफ बड़ौदा का रेपो लिंक्ड लैंडिंग रेट BRLLR 6.90 प्रतिशत है। बैंक ऑफ बड़ौदा की वेबसाइट के अनुसार, वर्तमान आरबीआई रेपो दर 4.40 प्रतिशत + मार्क-अप-2.50 प्रतिशत, एस.पी.0.25 प्रतिशत है।

बता दें कि बिना किसी तय कार्यक्रम के मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने 2-4 मई को बैठक की, जिसके बाद 4 मई को आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो को तत्काल प्रभाव से 0.40 प्रतिशत बढ़ाकर 4.40 प्रतिशत करने की घोषणा कर दी। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसकी जानकारी दी था।

शक्तिकांत दास ने कहा था कि ‘आरबीआई के कदम को वृद्धि के लिहाज से सकारात्मक समझा जाए। इसका उद्देश्य बढ़ती मुद्रास्फीति को काबू में रखते हुए वृद्धि को गति देना है।’ केंद्रीय बैंक ने यह कदम तब उठाया जब पिछले तीन महीने से खुदरा मुद्रास्फीति, रिजर्व बैंक के लक्ष्य की उच्चतम सीमा- छह प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है।