दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की वापसी के लिए Helpline नंबर जारी, MP से हुई शुरूआत.

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दिल्‍ली |   जानलेवा कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण देश तथा प्रदेश में लंबे लॉकडाउन से उत्पन्न हो रही समस्या से निवारण अब योगी आदित्यनाथ सरकार की वरीयता है। राजस्थान के कोटा में फंसे कोचिंग के छात्र-छात्राओं को उनके घर तक पहुंचाने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ की वरीयता में देश के अन्य राज्यों में फंसे प्रदेश के मजदूर तथा गरीब लोग हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज लोकभवन में टीम-11 के साथ बैठक में कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगाने के उपाय के साथ ही लोगों के उपचार तथा निदान की प्रगति की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के कामगारों एवं श्रमिकों को सुरक्षित घरों तक पहुंचाने में सरकार के अभियान की प्रगति को परखा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्य राज्यों में निवास कर रहे उत्तर प्रदेश के के प्रवासी कामगारों/श्रमिकों से अपने घर वापस लौटने के लिए पैदल यात्रा न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अपने प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों की सुरक्षित वापसी के लिए हम लोग सम्बन्धित राज्य सरकारों से सम्पर्क में हैं। सभी राज्यों से प्रदेश के प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को वापस लाने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश सरकार ने सम्बन्धित राज्य सरकारों से प्रवासी श्रमिकों के नाम, पते, टेलीफोन नम्बर तथा स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति सहित सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि उनकी सुरक्षित वापसी की कार्य योजना को आगे बढ़ाया जा सके।

 

 


उन्होंने कहा कि अब तक दिल्ली से लगभग 04 लाख प्रवासी श्रमिक एवं कामगार, हरियाणा से 12 हजार श्रमिक, कोटा राजस्थान से 11 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं की प्रदेश में सुरक्षित वापसी हो चुकी है। इसी प्रकार प्रयागराज में अध्ययनरत 15 हजार से अधिक प्रतियोगी छात्रों को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सुरक्षित उनके घर भेजा गया है। उन्होंने निर्देश दिये, इसी प्रकार अन्य राज्यों से प्रदेश के प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को वापस लाने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश वापसी से पूर्व, प्रवासी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि प्रदेश के बॉर्डर को पूरी तरह सील किया जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि नेपाल राष्ट्र सहित अन्य राज्यों से बगैर अनुमति कोई प्रदेश में आने न पाये।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारंटीन लोगों की की निगरानी के लिए निगरानी समितियां गठित की जाएं। इन समितियों में युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र, एनएसएस, एनसीसी आदि का सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कम्युनिटी किचन कभोजन तैयार करने में भी महिला स्वयंसेवी समूहों को जोड़ा जाए। क्वारंटीन सेन्टर/शेल्टर होम से प्रवासी श्रमिकों को स्वास्थ्य परीक्षण के उपरान्त घर भेजा जाए। घर भेजते समय सभी श्रमिकों को राशन की किट उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि 10 लाख लोगों के लिए तत्काल क्वारंटीन सेन्टर/शेल्टर होमतथा कम्युनिटी किचन तैयार किये जाएं, जहां आने वाले प्रवासी मजदूरों को तात्कालिक रूप से रखा जा सके। क्वारंटीन सेन्टर/शेल्टर होम स्थापना के लिए बड़े कॉलेजों का उपयोग किया जाए। इनमें कम्युनिटी किचन, शौचालय व सुरक्षा सहित सभी जरूरी सुविधाएं अवश्य उपलब्ध रहनी चाहिए।

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि नोएडा के साथ दिल्ली से भी उत्तर प्रदेश के छात्र-छात्राओं को वापस लाने के लिए वहां की सरकार से सम्पर्क किया जाए। उन्होंने कहा कि नोएडा, गाजियाबाद तथा अलीगढ से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वापस जाने वाले छात्रों की सूची तैयार करायी जाए। इन छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए उन्हेंं घर भेजने की व्यवस्था की जाए। इन जनपदों में अध्ययनरत अन्य राज्यों के छात्रों की सूची तैयार करते हुए इन्हेंं इनके गृह राज्य वापस भेजने के लिए सम्बन्धित प्रदेश सरकार से सम्पर्क किया जाए। इसको सम्पन्न करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश में लॉजिस्टिक्स की दैनिक समीक्षा की जाए। भारत सरकार के मानकों के अनुरूप पीपीई किट, एन-95 मास्क सहित विभिन्न सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कहीं पर भी अतिरिक्त वेंटिलेटर्स की तात्कालिक आवश्यकता होने पर पोर्टेबल वेंटिलेटर्स मंगाए जाएं। सभी जनपदों में इन्फ्रा-रेड थर्मामीटर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रवासी श्रमिकों की सुगमता से जांच की जा सके।

 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस की टेस्टिंग के लिए प्रदेश में उपलब्ध समस्त संसाधनों का का उपयोग किया जाए। इसके दृष्टिगत पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ-अनुसंधान संस्थान, मथुरा तथा लखनऊ के केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई), भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) तथा बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (बीएसआईपी) जैसे उच्चस्तरीय शोध संस्थानों की टेस्टिंग क्षमता का उपयोग करने पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद सहारनपुर में एक लैब क्रियाशील की जानी चाहिए। प्रत्येक मण्डल मुख्यालय पर टेस्टिंग लैब स्थापित होनी चाहिए। प्रयास यह होना चाहिए कि आगामी एक सप्ताह में प्रदेश टेस्टिंग क्षमता की दृष्टि से देश का नम्बर वन राज्य बन जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष के चिकित्सकों, नॄसग तथा पैरामेडिकल के विद्याॢथयों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि आवश्यकता पडऩे पर इनकी सेवाएं भी प्राप्त की जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के एल-1, एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों में 52 हजार बेड की व्यवस्था करते हुए, इसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर एक लाख बेड किया जाना है। कोविड-19 से आॢथक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इसके कारण राजस्व के वैकल्पिक स्रोतों में वृद्धि करनी पड़गी। इसके फ्री-होल्ड की कार्य वाही की जाए। इसके लिए एक कमेटी गठित कर इस कार्य को तेजी प्रदान की जाए। उन्होंने कैश फ्लो में वृद्धि के लिए योजना बनाकर कार्रवाई करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि निवेश बढ़ाने के लिए आकर्षक नीति तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक खाद्यान्न गोदाम में एक अधिकारी तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राशन की दुकान पर भी एक अधिकारी की तैनाती की जानी चाहिए, जो यह सुनिश्चित करे कि वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन हो तथा किसी भी दशा में घटतौली न होने पाए। उन्होंने कहा कि मण्डी पूरे दिन खुली रहे, जिससे वहां भीड़ एकत्र न होने पाये तथा सोशल डिस्ट ेंसिंग का पालन भी हो सके।

प्रदेश में हरियाणा से लगभग पूरे मजदूर तथा गरीब लोग प्रदेश में अपने-अपने जिलों में पहुंच गए हैं। आज यानी गुरुवार को मध्य प्रदेश में प्रदेश के कामगारों और श्रमिकों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। आज मध्य प्रदेश से प्रदेश के श्रमिक कामगार लाए जाएंगे। इसके बाद शुक्रवार को गुजरात से श्रमिक तथा कामगार को वापस लाया जाएगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज बैठक में सभी राज्यों में फंसे यूपी के कामगारों और श्रमिकों से भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि अभी तक आप लोगों ने जिस धैर्य का परिचय दिया है उसे बनाए रखें। हम संबंधित राज्यों की सरकारों से संपर्क कर सभी को घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं।

दूसरे राज्यों से यूपी आने के लिए संपर्क करें_

1. महाराष्ट्र से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करे- 700 7304 242 और 9454 400 177।

2. तेलंगाना व आंध्र प्रदेश से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 98 866 400 721 और 9454 40 2544 और       9454400135।

3. गोवा वह कर्नाटक से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 9415 90 4444 और 9454 400 135।

4. पंजाब व चंडीगढ़ से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 9455 3511 11 और 9454 400 190।

5. पश्चिम बंगाल व अंडमान एवं निकोबार से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 9639 981 600 और 9454 400 537।

6. राजस्थान से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 945 44 10235 और 94544 05388।

7. हरियाणा से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 94544 18828 और 9454418828।

8. बिहार /झारखंड से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 9621650067 और 9454400122।

9. गुजरात /दमन /दीव /दादरा एवं नगर हवेली से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 8881954573 और 9454400191।

10. उत्तराखंड /हिमाचल प्रदेश से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 8005194092 और 9454400155।

11. मध्य प्रदेश /छत्तीसगढ़ से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 9454410331 और 9454400157।

12. दिल्ली /जम्मू एवं कश्मीर /लद्दाख से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 8920827174 और 7839854579 और 9454400114 और 7839855711 और 7839854569।

13. उड़ीसा से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 9454400133 ।

14. तमिलनाडु /पांडिचेरी से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 9415114075 और 9454400162।

15. अरुणाचल प्रदेश /असम /नागालैंड/ मेघालय /मणिपुर /त्रिपुरा /मिजोरम से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 945444100 7और 9454400148।

16. केरल /लक्ष्यदीप से यूपी आने के लिए इस नंबर पर संपर्क करें 6386725278 और 9936619394 और 9412194347 और 9454400162।   |

 

 

नगरीय निकायों ने लॉकडाउन के दौरान दैनिक श्रमिकों की जो सूची तैयार की गई है उसमें कई तरह की गड़बडिय़ां मिली हैं। निदेशालय ने इस पर 292 नगरीय निकायों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही सूची दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन में दैनिक रोजगार कर जीवन यापन करने वालों को आर्थिक तंगी न हो इसके लिए एक हजार रुपये बैंक खाते में देने फैसला किया है। शहरों में इन्हें चिह्नित कर ब्योरा जुटाने का काम नगरीय निकायों को दिया गया है।

इन्हें गैर पंजीकृत श्रमिकों की भी जानकारी जुटानी थी। नगरीय निकायों ने जो सूची तैयार की उसमें कई तरह की गड़बडिय़ां सामने आई हैं। स्थानीय निकाय निदेशालय ने जब इस सूची का परीक्षण किया तो काफी खामियां मिली हैं। इसमें कई ऐसे लोगों के नाम दर्ज थे, जो वास्तव में मजदूर ही नहीं थे। साथ ही कई लोगों के नाम एक से ज्यादा बार दर्ज कर दिए गए थे। कुछ का खाता संख्या गलत था तो कुछ की जानकारियों में अन्य प्रकार की कमियां मिली हैं। उप निदेशक रश्मि सिंह ने इस तरह के 292 नगरीय निकायों को चिह्नित कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।