Nuh Violence: नूंह हिंसा के इनामी बदमाश की पुलिस के साथ मुठभेड़, पैर में लगी गोली, गिरफ्तार

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हरियाणा के नूंह में हुई साम्प्रदायिक हिंसा में कथित रूप से शामिल एक व्यक्ति को पुलिस ने जिले के तावडू इलाके में कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया1 अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान आमिर के रूप में की गई है, जो डिढारा गांव का रहने वाला है.

पुलिस के साथ मुठभेड़ में आरोपी को लगी गोली

पुलिस ने बताया कि आरोपी और उसके सहयोगियों के तावडू के निकट अरावली पहाड़ियों में छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद तलाश अभियान शुरू किया गया था. उसने बताया कि आरोपी ने पुलिस पर गोलीबारी की, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई. आरोपी को पकड़ने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे उपचार के लिए नलहड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने बताया कि पहाड़ियों में छिपे सांप्रदायिक हिंसा के अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाश जारी है. उसने बताया कि आमिर के पास से एक देसी पिस्तौल और पांच कारतूस भी बरामद हुए हैं.

नूंह हिंसा में गांववालों ने पांच आरोपियों को पुलिस को सौंपा

हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को हुई सांप्रदायिक हिंसा में वांछित पांच आरोपियों को सिंगार गांव के निवासियों ने सोमवार को पुलिस को सौंप दिया. आरोपियों को लेकर पुलिस और प्रशासन बार-बार अपील कर रहा था. पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, सभी पांच आरोपियों से गिरफ्तारी के बाद पूछताछ हुई है.

नूंह हिंसा मामले में अबतक 60 प्राथमिकी दर्ज, 264 से अधिक गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, ब्रज मंडल हिंसा मामले में अभी तक 60 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 264 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में 11 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है और एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है.

नूंह हिंसा के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी

नूंह हिंसा के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है. जिला आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया के साथ 262 गांवों के प्रमुख लोगों के साथ शांति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए बैठकें की हैं कि आरोपी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दें.

नूंह हिंसा को लेकर जंतर-मंतर पर हिंदू संगठनों की बैठक को पुलिस ने बीच में रोका

हरियाणा के नूंह में हाल में हुई हिंसा को लेकर रविवार को जंतर-मंतर पर कुछ हिंदू संगठनों द्वारा आयोजित एक बैठक में कुछ वक्ताओं द्वारा कथित तौर पर ‘भड़काऊ भाषण’ दिए जाने के बाद पुलिस ने कार्यक्रम को बीच में ही रोक दिया था. पुलिस के एक अधिकारी ने आयोजकों को बताया कि उन्हें किसी विशेष धर्म पर टिप्पणी नहीं करने को कहा गया था, इसके बावजूद वे ऐसा कर रहे हैं. पुलिस ने इसके बाद बैठक को समाप्त करने का निर्देश दिया.

क्या दिया गया था भड़काऊ भाषण

अखिल भारतीय सनातन फाउंडेशन और अन्य संगठनों द्वारा आयोजित ‘महापंचायत’ को संबोधित करते हुए यति नरसिंहानंद ने कहा, अगर इसी तरह हिंदुओं की आबादी घटती रही और मुसलमानों की बढ़ती रही तो हजारों साल का इतिहास खुद को दोहराएगा. फिर पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो हुआ, उसे यहां भी दोहराया जाएगा. यति नरसिंहानंद पर पहले भी भड़काऊ टिप्पणी करने का मामला दर्ज किया जा चुका है. पुलिस ने बीच में ही यति नरसिंहानंद के भाषण पर आपत्ति जताई. नरसिंहानंद के बाद मंच संभालने वाले हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता ने आरोप लगाया कि नूंह और मेवात ‘जिहादियों और आतंकवादियों के किले’ में तब्दील हो गए हैं और इन जगहों पर सेना और सीआरपीएफ का शिविर स्थापित करने की मांग की.

क्या है मामला

विश्व हिंदू परिषद की 31 जुलाई को हुई ब्रज मंडल यात्रा पर भीड़ के हमला करने के बाद नूंह में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी जिसमें दो होम गार्ड और एक इमाम समेत छह लोगों की मौत हो गई थी.

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