ड्रग्स ट्रैफिकिंग मामले में गुजरात ATS को मिली लॉरेंस बिश्नोई की कस्टडी, होगी पूछताछ

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Gujarat ATS Gets Custody Of Lawrence Bishnoi: गुजरात के एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) को क्रॉस बॉर्डर ड्रग्स ट्रैफिकिंग के एक मामले के संबंध में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की कस्टडी मिल गयी है. एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी. दिल्ली की एक कोर्ट ने गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वाड को तिहाड़ जेल में बंद बिश्नोई की ट्रांजिट रिमांड दे दी थी. ATS गैंगस्टर से पिछले साल सितंबर में गुजरात तट पर अरब सागर में पाकिस्तान की एक मछली पकड़ने की नौका से 200 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की 40 किलोग्राम हेरोइन जब्त किए जाने के मामले में उसकी भूमिका के बारे में पूछताछ करना चाहती है.

कच्छ जिले की कोर्ट में किया जाएगा पेश

ATS के एक सीनियर अफसर ने मामले पर बात करते हुए कहा कि- हमें बिश्नोई की हिरासत मिल गयी और हमारे दल गुजरात पहुंच रहे हैं. उसे आज शाम तक कच्छ जिले की एक कोर्ट में पेश किया जाएगा. पिछले साल 14 सितंबर को गुजरात एटीएस ने भारतीय कोस्ट गार्ड के साथ एक संयुक्त अभियान में कच्छ जिले में जखाऊ बंदरगाह के समीप समुद्र में पाकिस्तान की एक मछली पकड़ने की नौका को रोका और उससे 200 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 40 किग्रा हेरोइन बरामद की थी.

6 नागरिकों को कर लिया गया गिरफ्तार

सीनियर अफसर ने आगे बताते हुए कहा कि- अल तय्यासा नाम की नौका में सवार पाकिस्तान के 6 नागरिकों को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद जांच में पता चला था कि हेरोइन को दिल्ली के दो निवासियों सरताज मलिक तथा जग्गी सिंह उर्फ वीरपाल सिंह की मदद से सड़क मार्ग से दिल्ली तथा पंजाब जैसे उत्तरी राज्यों में लाया जाना था. बाद में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

गिरोह द्वारा की जा रही थी ड्रग्स की तस्करी

गुजरात पुलिस ने यह भी कहा कि नाइजीरिया के एक नागरिक समेत दो तस्करों के एक गिरोह द्वारा ड्रग्स की तस्करी की जा रही थी. ये दोनों तस्कर पंजाब में जेलों में बंद हैं. 8 आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि ड्रग तस्कर मीराज रहमानी और अनी चीफ ओबिन्ना उर्फ चीफ (नाइजीरियाई नागरिक) जेल में बैठकर गिरोह चला रहे थे. रहमानी कपूरथला जेल में तथा ओबिन्ना अमृतसर जेल में बंद है. ऐसा आरोप है कि दोनों बिश्नोई के लिए काम कर रहे थे.

WhatsApp तथा VOIP कॉल का इस्तेमाल कर चला रहे थे गिरोह

पुलिस ने पहले बताया था कि वे व्हाट्सएप (WhatsApp) तथा VOIP (इंटरनेट फोन) कॉल का इस्तेमाल कर गिरोह चला रहे थे. गुजरात पुलिस को 2021 के मोरबी ड्रग्स जब्ती मामले में भी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य भारत भूषण उर्फ भोला शंकर की भूमिका का पता चला था जो पंजाब की एक जेल से ड्रग्स की तस्करी कर रहा था. भूषण की हाल में जेल में मौत हो गयी.

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