श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मिले गौतम अडाणी, कोलंबो बंदरगाह से लेकर सोलर पावर तक पर हुई बात

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देश की राजधानी दिल्ली में आज अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे (Gautam Adani Meets Sri Lankan President Ranil Wickremesinghe) से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच कोलंबो बंदरगाह से लेकर सोलर पावर तक के मुद्दे पर बातचीत हुई. इसे लेकर गौतम अडाणी ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करते हुए कहा कि महामहिम से मिलना बड़े सम्मान की बात है. राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे श्रीलंका में परियोजनाओं के एक आकर्षक सेट पर चर्चा करेंगे, जिसमें कोलंबो पोर्ट वेस्ट कंटेनर टर्मिनल का निरंतर विकास, 500 मेगावाट की पवन परियोजना और हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए हमारी नवीकरण ऊर्जा विशेषज्ञता का विस्तार शामिल है.

अडाणी ने हरित हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित करने का रखा प्रस्ताव

अरबपति कारोबारी गौतम अडाणी ने शुक्रवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात के दौरान द्वीप राष्ट्र में एक हरित हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा. साथ ही, श्रीलंका में अडाणी समूह पहले से ही एक कंटेनर टर्मिनल और 500 मेगावाट की पवन परियोजना विकसित कर रहा है. अडाणी ने पहले से जारी और नई परियोजनाओं पर चर्चा करने के लिए विक्रमसिंघे से मुलाकात की. अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) कोलंबो बंदरगाह पर 70 करोड़ डॉलर के निवेश से कंटेनर टर्मिनल विकसित कर रहा है. कोलंबो बंदरगाह दक्षिण एशिया में माल की आवाजाही का प्रमुख केंद्र है. हरित हाइड्रोजन को हाइड्रोजन के अन्य रूपों की तुलना में स्वच्छ ईंधन माना जाता है. अडाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एएनआईएल) ने 2030 तक दस लाख टन हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है.

श्रीलंका में 3625 करोड़ निवेश करेंगे अडाणी

बताया जा रहा है कि अडाणी ग्रुप श्रीलंका में 3625 करोड़ रुपये से अधिक का पवन ऊर्जा का प्रोजेक्ट लगाने जा रही है. सरकार के द्वारा ग्रीन एनर्जी के इस प्रोजेक्ट को फरवरी के महीने में मंजूरी मिली थी. वहां एक बोर्ड के द्वारा अडाणी ग्रुप को मन्नार और पूनेरिन क्षेत्रों (उत्तरी) में 2 विंड पावर प्रोजेक्‍ट शुरू करने की इजाजत दी थी. अडाणी ग्रुप का श्रीलंका में निवेश वहां की व्यापार क्षमताओं को बढ़ाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बड़ी बात ये है कि श्रीलंका एक बड़ी आर्थिक तंगी से गुजर रहा है. ऐसे में अडाणी का निवेश देश को बड़ी मदद दे सकता है.

श्रीलंका कई इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में निवेश कर रहे अडाणी

आर्थिक तंगी से जूझ रहे श्रीलंका में अडाणी ग्रुप के द्वारा कई इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में निवेश किया जा रहा है. अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) को मार्च 2021 में कोलंबो पोर्ट वेस्ट कंटेनर टर्मिनल के विकास और संचालन की जिम्मेदारी मिली थी. इसके लिए श्रीलंका के द्वारा लेटर ऑफ इंटेंट- समझौते की रूपरेखा का दस्तावेज कंपनी को फरवरी 2021 में दिया गया था. इस पोर्ट के निर्माण में श्रीलंका के सबसे बड़े होल्डिंग जॉन कील्स होल्डिंग्स PLC और श्रीलंका पोर्ट्स अथॉरिटी (SLPA) साझेदार है. अडाणी ग्रुप के द्वारा कोलंबो पोर्ट वेस्ट कंटेनर टर्मिनल 35 वर्षों के लिए निर्माण, संचालन और ट्रांस्फर के आधार पर विकसित किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट से कोलंबो पोर्ट वेस्ट कंटेनर टर्मिनल पर कंटेनर हैंडलिंग को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, समुद्र में ग्लोबल व्यापार में एक महत्वपूर्ण नोड के रुप में सामने आएगा. कोलंबो पोर्ट पहले से ही भारतीय कंटेनरों और मेन लाइन जहाज ऑपरेटरों के ट्रांसशिपमेंट के लिए हब रहा है. कोलंबो के 45% ट्रांसशिपमेंट वॉल्यूम भारत में अडाणी पोर्ट टर्मिनल से आते या भेजे जाते हैं.

2030 तक भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी

गौतम अडाणी ने हाल ही में अपने कंपनी के एजीएम में दावा किया कि भारत जो पहले से ही दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, 2030 से पहले दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनकर दुनिया के सामने उभरेगा. वहीं, 2050 तक भारत दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. गौतम अडाणी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा कि 2050 तक भारत विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा. उन्होंने कहा कि मेरा अनुमान है कि अगले दशक में भारत हर 18 महीने में अपनी GDP में एक ट्रिलियन डॉलर जोड़ना शुरू कर देगा.

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