G20 Summit के कारण रद्द हुई दिल्ली से आने वाली 40 ट्रेनें, तुरंत देखें लिस्ट में कहीं आपकी ट्रेन तो नहीं

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G20 Summit को लेकर राजधानी दिल्ली में तैयारी पूरे जोरशोर से चल रही है. बैठक का आयोजन नौ और दस सितंबर को आयोजित की जाने वाली है. आयोजन को लेकर सुरक्षा के मद्दे नजर शहर को किले में तब्दील कर दिया गया है. इसे देखते हैं कि रेलवे ने 40 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. जबकि, कई ट्रेनों के रूट्स को डायवर्ट किया है. बताया जा रहा है कि 300 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा. इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देते हुए नार्थन रेलवे ने लिखा दिल्ली क्षेत्र में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित #G20Summit 2023 कार्यक्रम के सुरक्षा प्रबंधों के मद्देनज़र रेल प्रशासन द्वारा पैसेंजर रेलगाड़ियों हेतु निम्नलिखित ट्रेन्स हैंडलिंग प्लान बनाया गया है. यात्रीगण कृपया तद्नुसार ट्रेन्स स्टेटस देखकर अपना रेलयात्रा कार्यक्रम प्लान करें.

तीन दिन रद्द रहेंगी कई ट्रेन

नार्थन रेलवे ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि दिल्ली क्षेत्र में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित G20 Summit 2023 कार्यक्रम की तैयारियों और सुरक्षा के मद्देनज़र रेलवे द्वारा निम्नानुसार रेलगाड़ियों को अस्थाई रूप से निरस्त/टर्मिनल परिवर्तित/ पुनर्निधारित/मार्ग परिवर्तित एवं अतिरिक्त ठहराव आदि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है. नौ और 10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी ताज एक्सप्रेस (12280), नई दिल्ली-लोहिया खास जंक्शन सरबत्त भला एक्सप्रेस (22479), भिवानी जंक्शन-तिलक ब्रिज एक्सप्रेस (14727), मेरठ कैंट- श्री गंगानगर जंक्शन स्पेशल ट्रेन (14030) रद्द हो जाएगी. जबकि, गोमती एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, आगरा कैंट इंटरसिटी एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, जैसी ट्रेनों के रुट में परिवर्तन किया गया है. इसके अलावा 36 ट्रेन ऐसी हैं, जो दिल्ली से पहले ही शॉर्ट टर्मिनेट यानी अपनी यात्रा समाप्त कर देंगी. वहीं, नॉर्थन रेलवे के मुताबिक इन 40 ट्रेनों समेत 207 ट्रेनों को रद्द किया गया है. जिन ट्रेनों के स्टेशन शिफ्ट किए गए हैं उनमें राजेंद्रनगर-नई दिल्ली संपूर्ण क्रांति, मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस, नई दिल्ली-दरभंगा जंक्शन बिहार संपर्क क्रांति समेत कुल 12 ट्रेनें शामिल हैं.

300 इंटरसिटी का परिचालन प्रभावित

रेवले के द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार, 300 से अधिक इंटरसिटी और एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन प्रभावित हुआ है. ट्रेनों का परिचालन आठ सितंबर से लेकर 10 सितंबर तक प्रभावित रहेगी. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए जारी परामर्श के मद्देनजर इन ट्रेन को आठ से 11 सितंबर के बीच या तो रद्द कर दिया गया है या फिर इनके मार्ग या गंतव्य स्थान में परिवर्तन किया गया है. रेलवे ने यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए भी कई कवायद की है. इसके तहत, जम्मूतवी-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, तेजस राजधानी हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस, वाराणसी-नयी दिल्ली एक्सप्रेस सहित 70 ट्रेन के रुकने के लिए अतिरिक्त स्टेशन निर्धारित कर दिया गया है.

जी-20 में शामिल हैं 43 देश

वास्तव में जी 20 में 20 नहीं बल्कि 43 देश हैं, क्योंकि यूरोपीय संघ के 24 देशों को एक भागीदार के रूप में इसमें शामिल किया गया है. व्यापार विशेषज्ञों ने सरकार को ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत में तेजी लाने का सुझाव दिया. शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि 2023 के पहले आठ महीनों में, यूरोपीय संघ ने जलवायु परिवर्तन और व्यापार पर पांच नियम पेश किए. जी20 देशों को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और व्यक्तिगत देशों को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में जाने से पहले इसपर चर्चा करनी चाहिए.

कौन-कौन नेता पहुंचेंगे जी20 में

बाइडेन के अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज, जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा उन जी-20 नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने पहले ही शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है. सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 10 सितंबर को ब्राजील के राष्ट्रपति लूला को जी-20 अध्यक्ष पद की कमान सौंपेंगे. ब्राजील एक दिसंबर को औपचारिक रूप से जी-20 की अध्यक्षता संभालेगा. जी20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं.

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