भाजपा का दामन थामकर कांग्रेस को कितना नुकसान पहुंचाएंगे आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ?

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आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वे भाजपा का दामन थाम सकते हैं. आपको बता दें कि पिछले दिनों उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. रेड्डी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद मणिकम टैगोर ने कहा था कि जिन लोगों ने पार्टी से सब कुछ हासिल किया और आंध्र प्रदेश कांग्रेस को खत्म कर दिया, वे अब भाजपा का दामन थाम लें.

गौर हो कि किरण कुमार रेड्डी अविभाजित आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री थे. 11 मार्च को लिखे एक पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित करते हुए आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने लिखा था कि कृपया इस पत्र को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से मेरे इस्तीफे के रूप में स्वीकार करने का काम करें. उन्होंने इससे पहले 2014 में तत्कालीन यूपीए सरकार के आंध्र प्रदेश को विभाजित करने और तेलंगाना बनाने के फैसले पर कांग्रेस का दामन छोड़ा था. उस समय उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी जय समैक्य आंध्र पार्टी का गठन किया था, लेकिन 2018 में कांग्रेस में उनकी वापसी हो गयी थी.

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी का राजनीतिक करियर

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी के जीवन पर गौर करें तो उन्होंने साल 1989 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. उन्होंने वायलपाडु से कांग्रेस के टिकट पर जीत का परचम लहराया. रेड्डी ने 1999 और 2004 में एक ही निर्वाचन क्षेत्र से और बाद में 2009 में पिलेरू विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में जीत दर्ज की. इसके बाद साल 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की मौत के बाद उन्होंने ने 2010 में अविभाजित आंध्र प्रदेश की बागडोर संभाली. वाईएस राजशेखर रेड्डी की मौत के बाद नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम पैदा हो गया था.

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