लॉकडाउन के पहले दो चरणों के दौरान फ्लाइटों के टिकटों का होगा पूरा रिफंड

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नई दिल्‍ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation, DGCA) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि 25 मार्च से 3 मई 2020 के बीच लॉकडाउन के पहले दो चरणों के दौरान हवाई यात्रा के लिए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइटों के लिए यात्रियों द्वारा बुक किए गए टिकटों का पूरी तरह से रिफंड कर दिया जाएगा। बता दें कि लॉकडाउन के पहले दो चरणों के दौरान घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर पाबंदी लगाई गई थी।

इन दोनों चरणों के दौरान कैंसल हुए टिकटों का पूरा रिफंड ग्राहकों को नहीं देने पर बीते दिनेां सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और डीजीसीए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में मांग की गई थी कि लॉकडाउन के कारण जिन यात्रियों ने फ्लाइट का टिकट कैंसिल किया है उन्हें एयरलाइंस पूरे पैसे का रिफंड करें। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में एयरलाइंस द्वारा कैंसल किए गए टिकटों का पूरा पैसा वापस न करने की कथित कार्यवाही को सिविल एविएशन के नियमों का उल्लंघन घोषित करने की गुजारिश की थी।

याचिका में कहा गया था कि एयरलाइन कंपनियों ने रद किए गए टिकटों के फुल रिफंड के बदले एक साल की वैधता के क्रेडिट शेल देने की बात कही है जो मई 2008 में डीजीसीए की ओर से जारी सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट का पूरी तरह उल्लंघन है। वहीं डीजीसीए ने भी कहा था कि एयरलाइंस कंपनियों की ओर से क्रेडिट शेल में रिफंड पैसा डालने का विकल्प ग्राहक का विशेषाधिकार होगा। डीजीसीए ने दो टूक कहा था‍ कि एयरलाइंस कंपनियां अपनी मर्जी से ऐसा नहीं कर सकती हैं।

असल में लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद ज्यादातर एयरलाइनों का कहना था कि वे इस दौरान टिकट का पैसा वापस नहीं करके यात्रियों को किसी खास मौके पर उड़ान का मौका देंगी। यही नहीं एयरलाइंस टिकटों कैंसलेशन पर अलग-अलग स्कीम्स दे रही थीं। एयरलाइनों का कहना था कि उन्‍होंने नुकसान से बचने के लिए यह कदम उठाया। बता दें कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइनों से कहा था कि वो लॉकडाउन के पहले चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल के दौरान जिन यात्रियों ने टिकट बुक किया है उनको टिकटों का पूरा पैसा रिफंड कर दें।