Explainer: क्या है BRICS? कौन-कौन से देश हैं इसमें शामिल, क्या है इसका उद्देश्य

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दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहानिसबर्ग में 22 से 24 अगस्त तक 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होने के लिए साउथ अफ्रीका रवाना हो गये हैं. इस सम्मेलन में चार अन्य देशों के राष्ट्र प्रमुख भी शामिल होंगे. आइये ब्रिक्स के बारे में जानें की आखिर यह क्या है और इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं. इसके गठन का क्या उद्देश्य है.

क्या है BRICS

ब्रिक्स दुनिया की पांच सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों का एक समूह है. इसमें पांच देश शामिल हैं, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं. ब्रिक्स के अंग्रेजी अक्षर BRICS का हर अक्षर एक देश का प्रतिनिधित्व करता है. जिसमें B- ब्राजील, R- रूस, I- भारत, C- चीन और S- दक्षिण अफ्रीका.

BRICS का नाम कैसे और किसने दिया

BRICS शब्द ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओनिल ने दिया था. उन्होंने गोल्डमैन सैक्स में काम करने के दौरान इस शब्द की खोज की थी. पहले यह शब्द BRIC हुआ करता था. बाद में इसमें S को शामिल किया गया. 2010 में जब दक्षिण अफ्रीका को इस समूह में शामिल किया गया तो BRIC में S को जोड़ा गया. बताया जाता है कि जिम ने सबसे पहले BRIC शब्द का इस्तेमाल 2001 में अपने शोधपत्र में किया था.

2006 में हुई पहली बैठक

2006 में ब्रिक देशों की बैठक हुई थी. सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान चार देश ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने जब बैठक की तो उसी समय इसका नाम ब्रिक्स किया गया. उसके बाद पहली शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकाटेरिंगबर्ग में हुई थी. उसके बाद दूसरी शिखर वार्ता 2010 में ब्राजील के ब्रासिलिया में हुई थी. जिसमें दक्षिण अफ्रीका को भी शामिल किया गया और उसी समय से ब्रिक समूह का नाम ब्रिक्स हो गया.

कब-कब होती है ब्रिक्स की बैठक

ब्रिक्स का मुख्यालय चीन के संघाई में है. इसका सम्मेलन हर साल होता है. इसकी मेजबानी हर साल अलग-अलग देशों के द्वारा की जाती है. इस बार सम्मेलन की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका को मिली है. 2024 में कोई दूसरा देश इसकी मेजबानी करेगा.

ब्रिक्स समूह में शामिल देशों की क्या है खासियत

ब्रिक्स समूह में शामिल देशों की अपनी खास बात है. ये देश दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश हैं. जिनकी दुनिया की डीजीपी में करीब 31.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी है. ब्रिक्स में शामिल सभी पांच देशों में दुनिया की 41 प्रतिशत से अधिक आबादी रहती है. बड़ी बात है कि ब्रिक्स में शामिल सभी देश जी20 के भी सदस्य हैं.

क्या इस समूह में और भी देश होंगे शामिल

इस समूह में शामिल होने के लिए कोई औपचारिक तरीका नहीं है. इस समूह में शामिल देश आपसी सहमति से नये देश को शामिल करने पर विचार करते हैं और सहमति बनने पर अन्य देश को शामिल कर लिया जाता है. अब बात आती है कि क्या अन्य देश भी इसमें शामिल होंगे?‍ इस समूह में शामिल होने के लिए फिलहाल अल्जीरिया, अर्जेंटीना, बहरीन, मिस्र, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने आवेदन दिया है. इसके अलावा अफगानिस्तान, बांग्लादेश, बेलारूस, कजाकस्तान, मैक्सिको, निकारागुआ, नाइजीरिया, पाकिस्तान, सेनेगल, सूडान, सीरिया, थाइलैंड, ट्यूनीशिया, तुर्की, उरुग्वे, वेनेजुएला और जिम्बाब्वे ने भी इस समूह में शामिल होने की इच्छा जतायी है.

कोविड-19 के बाद पहली बार हो रही ब्रिक्स देशों की आमने-सामने बैठक

कोविड-19 के बाद ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) नेताओं की पहली भौतिक उपस्थिति में होने वाली बैठक (इन पर्सन समिट) होगी.

साउथ अफ्रीका रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने किया ट्वीट

मैं दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में जोहान्सबर्ग में आयोजित होने वाले 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के निमंत्रण पर 22-24 अगस्त 2023 तक दक्षिण अफ्रीका गणराज्य का दौरा कर रहा हूं. मैं जोहान्सबर्ग में मौजूद कुछ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने का भी उत्सुक हूं. ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस के निमंत्रण पर मैं 25 अगस्त 2023 को दक्षिण अफ्रीका से एथेंस, ग्रीस की यात्रा करूंगा. इस प्राचीन भूमि की यह मेरी पहली यात्रा होगी. मुझे 40 साल बाद ग्रीस की यात्रा करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री होने का सम्मान मिला है.

ब्रिक्स में शी और पीएम मोदी के बीच होगा आमना-सामना

प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत से रवाना हो गये हैं. उनके दौरे में सबकी नजर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात पर है. हालांकि दोनों के बीच मुलाकात होगी या नहीं, इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच बैठक की संभावना के बारे में पूछे गए सवालों का कोई सीधा जवाब नहीं दिया.

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