ओडिशा के बामड़ा में हाथियों ने खाया धान, किसानों ने मांगा मुआवजा

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ओडिशा के कुचिंडा अनुमंडल में हाथियों का उत्पात दिन पर दिन बढ़ रहा है. पिछले सप्ताह कतरकेला गांव के एक युवा किसान ने हाथियों द्वारा फसल नष्ट किये जाने से दुखी होकर खुदकुशी कर ली थी. अब हाथियों ने कुचिंडा अनुमंडल के डिमरीमुंडा धान मंडी में घुस कर बेचने के लिए रखा गया किसानों का धान खा लिया है और बोरियों को रौंद कर नष्ट कर दिया है. हाथी के कारण हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग किसानों ने जिला प्रशासन से की है. जानकारी के अनुसार, डिमिरीमुंडा मंडी में 120 किसानों का 10 हजार बोरी धान पड़ा हुआ है. शुक्रवार देर रात मंडी में घुसे हाथियों के एक झुंड ने धान की बोरियों को फाड़ कर धान खाने के साथ ही रौंदकर नष्ट कर दिया. वहां पर तैनात चौकीदार जान बचाकर भाग गये. प्रशासन और वन विभाग को सूचित करने के बाद हाथियों को खदेड़ा गया. इसमें खड़ियापाली गांव के सरोज नायक, दुर्योधन बलुआ, किशोर साहू, तबलाकटा गांव के समरिता चक्रवर्ती, झरमुंडा गांव के लक्ष्मण सिंग, भातपूरा गांव के गया किसान का धान हाथियों द्वारा नष्ट किये जाने की सूचना मिली है. हाथियोंं के झुंड ने लौटते वक्त रास्ते में कई लोगों के घरों को भी नुकसान पहुंचाया है. स्थानीय किसान संगठनों ने किसानों को शीघ्र मुआवजा प्रदान करने की मांग रखी है.

झारखंड में हाथी ने केला व ईख के पौधों को किया बर्बाद

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम के गुड़ाबांदा प्रखंड कार्यालय परिसर में शुक्रवार की रात में एक हाथी ने जमकर उत्पात मचाया. चहारदीवारी के अंदर लगे केला, ईख के पौधों को खाकर व रौंद कर नष्ट कर दिया. ब्लॉक में लगे बैनर को तोड़ दिया. यहां की हाई मास्ट लाइट चार माह से खराब है. इसके कारण रात में अंधेरा रहता है. हाथी के ब्लॉक कैंपस में घुसते ही कर्मी डर गये. हाथी ने हाड़ियान गांव के नेगड़ा मुंडा के घर में घुस कर अनाज खााया. घरों को तोड़ दिया. परिवार के लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचायी.

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