Education Budget 2021: 15 हजार स्कूल बनेंगे मेंटर, 100 नये सैनिक स्कूल, 750 एकलव्य मॉडल स्कूल, लद्दाख को मिला केंद्रीय विश्वविद्यालय

0 48


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश करते हुए एजुकेशन सेक्टर के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री ने आज, 1 फरवरी 2021 को लोक सभा में बजट पेश करते हुए कहा कि इस वर्ष का बजट छह मुख्य स्तंभों पर आधारित है। वित्त मंत्री ने एजुकेशन सेक्टर से जुड़े प्रस्तावो की घोषणा ‘ह्यूमन कैपिटल’ सेक्शन के लिए भाषण के दौरान की। शिक्षा मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 देश में विद्यालय शिक्षा और उच्च शिक्षा दोनों में बड़े बदलाव करने में सक्षम है। वित्त मंत्री ने कहा कि एनईपी 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव किये गये हैं।

शिक्षा बजट 2021: वित्त मंत्री ने की इन प्रस्तावों की घोषणा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत स्कूल शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देने के लिए देश भर से 15,000 स्कूलों को मॉडल स्कूल के तौर पर चयनित किया जाएगा। ये चयनित स्कूल अन्य स्कूलों के लिए मेंटरशिप और हैंडहोल्डिंग का कार्य करेंगे।
गैर सरकारी संगठनों / निजी स्कूलों /राज्यों के साथ भागीदारी में 100 नये सैनिक स्कूल स्थापित किये जाएंगे।
पिछले बजट में उच्चतर शिक्षा आयोग के गठन की बात की गयी थी। इस आयोग के लिए इस बार विधान सरकार द्वारा पेश किया जाएगा। यह एक अंब्रेला बॉडी होगी जिसमें निर्धारण, प्रत्यायन, विनियमन और फंडिंग के घटक होंगे।
देश भर के 9 शहरों में उच्च शिक्षा संस्थानों में तालमेल के लिए अंब्रेला स्ट्रक्टचर लांच किया जाएगा।
लद्दाख में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
अनुसूचित जनजाति के स्टूडेंट्स को बढ़ावा देने के लिए 750 एकलव्य मॉडल स्कूलों की स्थापना का लक्ष्य है। प्रति स्कूल 20 करोड़ के आवंटन को बढ़ाकर 38 करोड़ किया गया है। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में यह राशि 48 करोड़ होगी।
अनुसूचित जाति के स्टूडेंट्स के कल्याण के लिए पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम का पुरुद्धार किया गया है। सरकार ने इसके लिए सहायता राशि बढ़ाने की घोषणा की है। अनुसूचित जाति के 4 करोड़ स्टूडेट्स के लिए 202-26 तक 35,219 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है।
पिछले बजट में घोषित नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के लिए 5 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये के व्यय की कार्यप्रणाली तैयार कर लगी गयी है।

वित्त मंत्री ने नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम के क्रियान्वयन के लिए 3000 करोड़ के आवंटन का प्रस्ताव किया।