राहुल गांधी से ED ने की पूछताछ, प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेस नेताओं को घसीटते हुए ले गई पुलिस

0 40

स्मृति ईरानी ने एक प्रेस कांफ्रेस करते हुए कहा, “आज जो लोग इन्वेस्टिगेशन एजेंसी पर दबाव डालना चाहते हैं, उनका ध्यान आकृष्ट करूंगी, दिल्ली हाई कोर्ट के 2019 एक जजमेंट के वाक्य पर, ‘AGL के ऊपर राहुल और सोनिया गांधी जी का मालिकाना हक गैरकानूनी तौर पर संपत्ति पर अधिकार जमाने का एक प्रयास है।”

सोमवार को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए। इस दौरान उनसे तीन घंटे तक पूछताछ की। वहीं लंच के दौरान राहुल गांधी ईडी दफ्तर से सीधे अपनी मां सोनिया गांधी से मिलने के लिए सर गंगा राम अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उनके साथ उनकी बहन प्रियंका गांधी भी साथ में मौजूद रहीं।

मां से मुलाकात के बाद राहुल गांधी दोबारा ईडी के दफ्तर पहुंचे। इस बार ईडी ने उनसे साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की। बता दें कि पीटीआई के मुताबिक कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मंगलवार को फिर ईडी के सामने पेश होने के लिए कहा गया। बता दें कि नेशनल हेराल्ड के इसी मामले में सोनिया गांधी को भी 23 जून को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। हालांकि सोनिया गांधी कोविड से संबंधित समस्याओं के कारण दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती हैं।

क्या-क्या हुआ: सोमवार को राहुल गांधी ईडी दफ्तर जाने से पहले कांग्रेस कार्यालय गए। जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हुजूम ने राहुल गांधी के साथ पैदल मार्च निकाला। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा। सुबह करीब 11 बजे राहुल गांधी अपने काफिले के साथ ईडी ऑफिस पहुंचे।

इस दौरान कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं व कई कार्यकर्ताओं ने देशभर में सत्याग्रह नाम से विरोध प्रदर्शन किया। जिसके चलते पुलिस ने विरोध प्रदर्शन करने वाले कई बड़े नेता, सीएम, पूर्व सीएम और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

किनकी हुईं गिरफ्तारियां: इसमें रणदीप सुरजेवाला, हरीश रावत, अधीर रंजन चौधरी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, अशोक गहलोत, प्रमोद तिवारी आदि को अरेस्ट किया गया। वहीं लखनऊ में कांग्रेस विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा मोना और नसीमुद्दीन को हाउस अरेस्ट किया गया। दिल्ली में अलका लांबा को पुलिस ने घर के बाहर रोका।

वहीं कुछ तस्वीरें ऐसी भी सामने आईं, जिसमें पुलिस कई कांग्रेस दिग्गज नेताओं को घसीटते नजर आई। जिसके चलते कुछ को चोटें भी आईं। बता दें कि हिरासत में लिए गए केसी वेणुगोपाल का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्हें घसीटते हुए ले जाया जा गया।

केसी वेणुगोपाल को लेकर कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर किया। जिसमें आरोप लगाया कि कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को अमानवीयता के साथ खींचकर विरोध स्थल से हटवाना, भाजपाई बौखलाहट का सबूत है। वहीं यूपी में अजय कुमार लल्लू को भी यूपी में कांग्रेस के प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस उठाकर ले गई। इस दौरान वो सड़क पर बैठ गए। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक वहां से हटाया।

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि जब-जब भाजपाई डरते हैं, वह पुलिस के पीछे छुपते हैं। एक समय अंग्रेजी हुकूमत भी पुलिस के पीछे छुपा करती थी, जब वह स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन को कुचला करती थी। आज के दौर में भी मोदी सरकार ED और पुलिस के पीछे छुपी हुई है।

वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के दौरान कहा कि कांग्रेस के नेताओं को बस में भरकर फतेहपुर बेरी ले जाया जा रहा है। दिल्ली की तमाम जेलें भर चुकी हैं, लेकिन कांग्रेसियों का हौसला बुलंद है, हम फिर से प्रयास करेंगे।

बता दें कि राहुल ईडी के सामने राहुल गांधी की पेशी को लेकर कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान में इसको लेकर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शांंतिपूर्ण पैदल मार्च निकाल कर विरोध जताया। वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुंबई, नागपुर में भी प्रदर्शन किया।

भाजपा का पलटवार: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “आख़िरकार राहुल गांधी को किस बात का भय सताता है? क्या एक परिवार और एक पार्टी के लिए अलग क़ानून बनेगा? देश भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन करवा कर जाँच एजेंसियों पर दबाव क्यों? क्या पूरी कांग्रेस एक परिवार के भ्रष्टाचार को छुपाने तक ही सीमित रह गई है?”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेनकाब हुई है। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग नहीं करना चाहते। राहुल गांधी को किस बात का भय है? अगर उन्होंने कुछ गलत नहीं किया तो डरते क्यों हैं? देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बुलाकर जांच एजेंसियों पर दबाव क्यों बनाया जा रहा है।

वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, “आज जो गतिरोध कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता राहुल गांधी के बुलावे पर कर रहे हैं, ये लोकतंत्र को बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि गांधी परिवार की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को बचाने का प्रयास है।” उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के समर्थन में आज कांग्रेस पार्टी मैदान में उतरी है। जो बेल पर हैं उन्होंने घोषणा की है कि ‘आओ दिल्ली को घेरो, हमारा भ्रष्टाचार पकड़ा गया है।’ एक इन्वेस्टिगेशन एजेंसी पर दबाव डालने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को विशेष आमंत्रित किया गया है।

स्मृति ईरानी ने एक प्रेस कांफ्रेस करते हुए कहा, “आज जो लोग इन्वेस्टिगेशन एजेंसी पर दबाव डालना चाहते हैं, उनका ध्यान आकृष्ट करूंगी, दिल्ली हाई कोर्ट के 2019 एक जजमेंट के वाक्य पर, ‘AGL के ऊपर राहुल और सोनिया गांधी जी का मालिकाना हक गैरकानूनी तौर पर संपत्ति पर अधिकार जमाने का एक प्रयास है।”