Pollution Report: दिल्ली फिर से दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी, LG ने सीएम केजरीवाल को लिखा पत्र

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Pollution Report: दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने सीएम अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में कहा, मैं आज आपका ध्यान परेशान करने वाली नेशनल हेडलाइंस की ओर आकर्षित करने के लिए लिख रहा हूं- दिल्ली- फिर से दुनिया की सबसे प्रदूषित-अपवित्र राजधानी. एलजी ने आगे लिखा, मुझे उम्मीद है कि आने वाले महीनों में आप कुछ ठोस कदम उठाएंगे और इन मुख्य समस्याओं को ठीक करने के लिए अपनी योजनाएं दिल्ली के लोगों के साथ साझा करेंगे.

दिल्ली के प्रदूषण स्तर में लगातार कमी आ रही: गोपाल राय

प्रदूषण रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय का बयान सामने आया है. उन्होंने रिपोर्ट पर कहा कि दिल्ली के प्रदूषण स्तर में लगातार कमी आ रही है. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, दिल्ली एक ऐसा राज्य है जहां प्रदूषण का स्तर लगातार कम हो रहा है. 2015 से 2023 तक, पीएम के स्तर में कमी 10 से 2.5 की कमी आई है. 2015 के बाद पिछले साल 206 दिन बेहतर वायु गुणवत्ता थी.

भारत 134 देशों में से तीसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला देश

रिपोर्ट के अनुसार भारत 2023 में 134 देशों में से तीसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला देश रहा. उससे पहले बांग्लादेश (79.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) और पाकिस्तान (73.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) रहे. भारत 2022 में औसतन 53.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ आठवां सबसे प्रदूषित देश रहा था.

पीएम 2.5 को ‘फाइन पार्टिकुलेट मैटर’ कहा जाता है

पीएम2.5 को ‘फाइन पार्टिकुलेट मैटर’ कहा जाता है. ये कण 2.5 माइक्रोन या छोटे आकार के होते हैं और ये सांस लेने के दौरान निचले श्वसन तंत्र तक पहुंच जाते हैं.

2022 की रैंकिंग में बेगूसराय का नाम नहीं था शामिल, 2023 में सबसे दूषित महानगर

बेगूसराय औसतन 118.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम 2.5 सांद्रता के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित महानगर दर्ज किया गया है जबकि 2022 की रैंकिंग में इस शहर का नाम भी नहीं था.

दिल्ली चौथी बार सबसे प्रदूषित राजधानी शहर

दिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहर चिह्नित किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा अनुमान है कि भारत में 1.36 अरब लोगों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अनुशंसित पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक की पीएम2.5 सांद्रता का सामना करना पड़ा.

डब्ल्यूएचओ के अनुसार हर साल 70 लाख लोगों की होती है मौत

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनियाभर में हर साल तकरीबन 70 लाख लोगों की वायु प्रदूषण के कारण समय पूर्व मौत हो जाती है. पीएम2.5 वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, कैंसर, आघात और फेफड़ों की बीमारी समेत अनेक बीमारियां हो सकती हैं.

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