Delhi Start up Policy: दिल्ली को दुनिया के शीर्ष 5 स्टार्टअप स्थानों में से एक बनाएंगेः केजरीवाल

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नई दिल्ली, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की नई स्टार्टअप नीति और उसे विकसित करने को लेकर उद्योगपति और उद्यमी के साथ बैठक कर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार जल्द ही स्टार्टअप नीति का एक मसौदा जारी करेगी। सरकार जनता से इनपुट लेने के लिए एक ऑनलाइन फोरम शुरू करेगी। इससे स्टार्टअप नीति को एक नया परिप्रेक्ष्य मिलेगा। हमारा लक्ष्य दिल्ली को स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करना है। दिल्ली को स्टार्टअप के शीर्ष 5 वैश्विक स्थलों में से एक बनाना है।

शनिवार को हुई बैठक में उन्होंने कहा कि मसौदा नीति का उद्देश्य उद्यमी की मदद करना, अर्थव्यवस्था को दोबारा गति देना और नीति के बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है, जो नई नौकरियां सृजित करेगा और वर्तमान आर्थिक प्रणाली में नई प्रतिस्पर्धी गतिशीलता लाएगा।

भारतीय दुनिया के सबसे होशियार उद्यमी हैं

मुख्यमंत्री ने कहा, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते छात्रों, उद्योगों और कई प्रतिष्ठित संस्थानों का केंद्र है। पिछले कुछ वर्षो में यहां के स्टार्टअप इकोसिस्टम ने नवोदित उद्यमियों के लिए अवसरों को पैदा किया है। उन्होंने कहा कि आइआइटी करने के बाद मैंने देखा कि भारत के कुछ मेधावी युवा विदेश में बेहतर अवसरों की तलाश में चले गए हैं। मेरा मानना है कि भारत के लोग दुनिया के सबसे होशियार उद्यमी हैं और उन्हें का उन्हें कामयाब होने के लिए सही अवसर और सही परिस्थितियों में मदद की जरूरत है।

 

मुख्यमंत्री ने सितंबर 2019 की एक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा दिल्ली में सबसे अधिक स्टार्टअप सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और अब शहर में स्टार्टअप का कारोबार 50 बिलियन डॉलर के करीब है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर 12,000 स्टार्टअप, 30 यूनिकॉर्न और लगभग 150 बिलियन डॉलर के संचयी मूल्यांकन के साथ 2025 तक शीर्ष 5 वैश्विक स्टार्टअप हब बनने की ओर बढ़ रहा है।

दो चरणों में होगा स्टार्टअप नीति परामर्श

उन्होंने बताया कि स्टार्टअप नीति परामर्श दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सबसे पहले दिल्ली मॉडल की टीमवर्क भावना को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने शनिवार को नई स्टार्टअप नीति का मसौदा तैयार करने में विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग के सफल उद्यमी और नीति विशेषज्ञों को आमंत्रित किया। प्रमुख उद्योगपतियों और उद्यमियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई और दिल्ली सरकार के साथ कदम मिलाकर चलने का भरोसा दिया। बैठक में शामिल होने वाले उद्योगपतियों में अजय चौधरी, राजन आनंदन, पद्मजा रूपारेल और युवा उद्योगपति श्रीहर्षा मजेटी, फरीद अहसन, सुचिता सलवान, तरुण भल्ला, रियाज अमलानी आदि उद्योगपति शामिल हुए।