Delhi-Sonipat Border Dispute: 2 दिन में सुलझाएं दिल्ली-सोनीपत सीमा का मसला, HC का फरमान

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Delhi-Sonipat Border HC ने कहा कि अगर कोई विरोधी शपथपत्र दायर करना है तो बुधवार तक करें। बृहस्पतिवार को फिर से इस मामले की सुनवाई होगी और इसका निपटारा कर दिया जाएगा।
नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। Delhi-Sonipat Border Dispute: दिल्ली-सोनीपत सीमा से आवाजाही पर रोक लगाने के मसले पर मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। वीडियो कान्फ्रेंसिंग पर हुई लंबी बहस के बाद भारत सरकार की तरफ से इस मसले को सुलझाने के लिए कुछ समय मांगा गया। इस पर न्यायमूर्ति मनमोहन व न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने कहा कि दो दिन का समय दिया जाता है। अगर कोई विरोधी शपथपत्र दायर करना है, तो बुधवार तक करें। बृहस्पतिवार को फिर से इस मामले की सुनवाई होगी और इसका निपटारा कर दिया जाएगा।

सीमा सील करने के हरियाणा सरकार के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दायर हुई याचिका पर सोमवार को हरियाणा ने अपना जवाब दाखिल किया था। जिसमें कहा कि हरियाणा में पाए गए कोरोना मरीजों का दिल्ली से लिंक रहा है।

वहीं मंगलवार को हुई सुनवाई में हरियाणा की तरफ से कहा गया कि सीमा सील करने का आदेश सरकार ने नहीं दिया। सोनीपत के डीसी ने यह अधिसूचना जारी की और उसी तर्ज पर फरीदाबाद, गुरुग्राम और बहादुरगढ़ प्रशासन ने ऐसा किया। हरियाणा सरकार की तरफ से कहा गया कि यात्रा करने के लिए हरियाणा ने एक पोर्टल बनाया है और उस पर आवेदन किया जा सकता है। चूंकि आइकार्ड फर्जी हो सकते हैं, इसलिए उन पर यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती।

इस पर पीठ ने कहा कि दिल्ली में काम करने वाले डॉक्टर, पुलिस कर्मी और अन्य कोरोना योद्धा हरियाणा में रहते हैं और आप योद्धाओं को कोरोना का वाहक कह रहे हैं? अगर आइकार्ड फर्जी हो सकता है, तो इस बात की क्या गारंटी है कि जो ई-पास बनवाएगा, वह पूरी तरह सही होगा?

भारत सरकार के ई-पास और दिल्ली सरकार के ई-पास अगर जारी हुए हैं तो हरियाणा को अलग से ऐसे पास बनाने की क्या जरूरत महसूस हुई? इसी के साथ ही पीठ ने निर्देश दिया कि जिस-जिस जिला प्रशासन ने सीमा सील करने की अधिसूचना जारी की है वह दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल करें।