Delhi Doctors’ salaries: वेतन के मुद्दे पर डॉक्टरों की हड़ताल के बीच आज जारी हो सकता है पैसा

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नई दिल्ली , वेतन नहीं मिलने को लेकर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के हिंदू राव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स के समर्थन में मंगवलार से उत्तरी निगम के सभी अस्पतालों और डिस्पेंसरी में भी हड़ताल है। इस बीच हड़ताल खत्म कराने और डॉक्टरों के मु्द्दे पर समाधान के लिए महापौर जय प्रकाश ने बैठक बुलाई है। मंगलवार करीब 12 बजे महापौर के तिमारपुर स्थित आवाल पर यह बैठक होगी। डॉक्टर तीन माह के बकाया वेतन की मांग कर रहे हैं जबकि निगम मंगलवार को उन्हें एक माह का वेतन जारी कर सकता है। महापौर जय प्रकाश ने बताया कि उन्हें डॉक्टरों से लेकर निगम के सभी 55 हजार कर्मचारियों की चिंता है। इसलिए वह उनके मुद्दों को लेकर चिंतित और उनके समाधान के लिए जुटे हुए हैं । महापौर ने बताया आज उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत करने के लिए बैठक बुलाई है। हमारी कोशिश है कि बीच का रास्ता निकालकर मुद्दों का समाधान किया जाए।

 

एम्स आरडीए ने की राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

वेतन मुद्दे पर एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के तीन पूर्व अध्यक्षों डॉ. विजय गुर्जर, डॉ. हरजीत सिंह भट्टी व डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही ने ट्वीट कर राष्ट्रपति व सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप करने की मांग की है। डॉ. विजय गुर्जर ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मचारियों को वेतन नहीं देना देश के लिए शर्मनाक है। इससे कोरोना योद्धा कहे जाने वाले डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों का हौसला टूटेगा। डॉक्टरों को वेतन मिले, इसके लिए स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए।

काली पट्टी बांधकर दिया समर्थन

वेतन मुद्दे को लेकर हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों के प्रदर्शन और भूख हड़ताल को दूसरे अस्पतालों का भी समर्थन मिल रहा है। सोमवार को लोकनायक समेत दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। उल्लेखनीय है कि हंिदूूराव के रेजिडेंट डॉक्टर पांच अक्टूबर से धरना-प्रदर्शन और बीते शुक्रवार से भूख हड़ताल पर हैं।

दो बजे सदन की बैठक हंगामे के हैं आसार

वहीं, वेतनमान समेत कई अन्य मुद्दे पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम की आज दो बजे सदन की बैठक है। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष में हंगामे के आसार हैं। एक ओर दिल्ली के तीनों निगम दिल्ली सरकार पर 13 हजार करोड़रुपये बकाये की बात कह रहे हैं वहीं आम आदमी पार्टी केंद्र सरकार पर निगम का 12 हजार करोड़ बकाया होने की बात कह रहे हैं । वहीं, कांग्रेस आप और भाजपा पर राजनीति करने के साथ कर्मियों को परेशान करने का आरोप लगा रही है।

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