Delhi Budget 2023: विवादों के बाद आज पेश होगा दिल्ली का बजट, AAP ने केंद्र पर लगाया गंभीर आरोप

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दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार आज वित्त वर्ष 2023-24 के लिए विधानसभा में बजट पेश करेगी. सुबह 11 बजे दिल्ली के वित्‍त मंत्री कैलाश गहलोत बजट पेश करेंगे. बजट पहले मंगलवार को पेश होना था, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय और उपराज्यपाल की आपत्ति के बाद अचानक इसे रोक दिया गया था. हालांकि बाद में केंद्र ने बजट को मंजूरी दे दी. इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा.

आप ने केंद्र पर लगाये कई गंभीर आरोप

आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया कि केंद्र ने दिल्ली के बजट को रोकने की साजिश रची और कहा कि 21 मार्च काला दिन है क्योंकि एक चुनी हुई सरकार को निर्धारित दिन पर विधानसभा में बजट पेश करने से रोका गया. मंत्रालय की ओर से बजट को मंजूरी देने के कुछ घंटों के बाद आप नेता दिलीप पांडे ने कहा कि यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र द्वारा दिल्ली का बजट रोक दिया गया. उन्होंने कहा, एक काला दिन है. एक चुनी हुई सरकार को विधानसभा में बजट पेश करने की अनुमति नहीं थी. भारत के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ. लोकतंत्र की सुंदरता यह है कि हर कोई जवाबदेह है. पांडे ने कहा, 10 दिन से दिल्ली का बजट केंद्र के पास था। उन्होंने पिछले 10 दिनों से कोई कार्रवाई नहीं की। वे जानते थे कि अगर उन्हें बजट पेश होने से रोकना है तो उन्हें अंतिम समय में कुछ करना होगा.

केजरीवाल ने दिल्ली का बजट रोकने पर केंद्र पर साधा निशाना

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के बजट को गृह मंत्रालय द्वारा मंजूरी दिए जाने के कुछ घंटे बाद केंद्र पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऊपर से नीचे तक अशिक्षित लोग बैठे हैं. हालांकि, केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि वह केंद्र के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं.

दिल्ली में 10 गुना अधिक विकास होता : केजरीवाल

केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकार के बीच कोई टकराव नहीं होता, तो दिल्ली में 10 गुना अधिक विकास हुआ होता. उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार काम करना चाहती है, टकराव नहीं. हम टकराव से थक गए हैं, क्योंकि इससे किसी का भला नहीं होता. हम प्रधानमंत्री के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं, हम कोई झगड़ा नहीं चाहते.

उपराज्यपाल कार्यालय ने बताया, क्यों रोकी गयी थी बजट

उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्र ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुसार, विधानसभा में दिल्ली का बजट पेश करने से पहले भारत के राष्ट्रपति की पूर्व सहमति और मंजूरी की आवश्यकता होती है और पिछले 28 साल से यह प्रक्रिया चल रही है.

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