डॉक्टर हुआ साइबर ठगी का शिकार, कार खरीदने का सपना दिखा उड़ा ले गया 6 लाख, जानें कैसे

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Cyber Fraud : साइबर फ्रॉड के सावधान! बिना जांच किए किसी अनजान लिंक पर क्लिक ना करे किसी को अपना ओटीपी शेयर ना करें. ऐसे की मेसेज आए दिन लोगों तक पहुंचते है ताकि उन्हें साइबर फ्रॉड का शिकार होने से बचाया जा सके. पुलिस आए दिन इन अपराधियों को गिरफ्तार भी करती है लेकिन, फिर भी देश में ऐसे क्राइम थमने का नाम नहीं ले रहे है. एक ऐसी ही ताजा घटना सामने आयी है मुंबई से जहां से एक डॉक्टर से करीब 6 लाख रुपये की ठगी कर ली गई. कैसे कार खरीदने का उनका सपना उनकी नींद उड़ा ले गया. आइए जानते है पूरा मामला विस्तार से.

फॉर्च्यूनर E4 की कीमत ₹19 लाख!

मुंबई के 52 वर्षीय डॉक्टर डॉ प्रभात शाह ठगी के शिकार हुए है. कम रेट में कार खरीदने की उनकी चाहत की कीमत करीब छह लाख रुपये लगी. एक विज्ञापन जिसमें लिखा हुआ था कि फॉर्च्यूनर E4 की कीमत ₹19 लाख, जो कि बाजार के मूल्य के आधे से भी कम था. बस और क्या, डॉक्टर ने विज्ञापन देख मन बना लिया कि उसे इसी स्कीम के तहत अपनी पसंदीदा कर खरीदनी है. लेकिन, इस स्कीम के 30% एडवांस प्रोसेस ने उसके 5.87 लाख रुपये डूबा दिए. इस मामले की शिकायत कांदिवली में की गई है और कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.

जानिए कैसे बना शिकार?

शिकायतकर्ता ने बताया है कि उसने एक राष्ट्रीयकृत बैंक के फेसबुक विज्ञापन में देखा कि डिफॉल्टरों से जब्त की गई संपत्तियों की नीलामी होने वाली है. उसी विज्ञापन में में एक फॉर्च्यूनर E4 की कीमत ₹19 लाख बताई गई, जो इसके बाजार मूल्य से आधे से भी कम है. डॉ. शाह ने 24 अक्टूबर को विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क किया. कॉल पर उधर से बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को रिकवरी क्रेडिट मैनेजर बताया और मुझसे कई दस्तावेजों की जानकारी ली.

क्यों ट्रांसफर किए पैसे?

डॉक्टर ने उस व्यक्ति को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक स्टेटमेंट सहित अग्रीमेंट के लिए सभी जरूरी कागजात दिए जिसके बाद उसके पास एक मेल आया जिसमें उसके अग्रीमेंट के प्रोग्रेस से संबंधित चीजें लिखी हुई थी. उस मेल में यह भी लिखा हुआ था कि उन्हें पॉलिसी के तहत 30 प्रतिशत भुगतान पहले करना होगा. साथ ही उसमें एक बैंक अकाउंट का डिटेल दिया हुआ था. डॉक्टर ने उस अकाउंट पर कुल ₹5.87 लाख ट्रांसफर कर दिए.

मामला दर्ज, जांच जारी

अगले दिन जब वह बची हुई राशि का भुगतान कर कार लेने के लिए गया तो डॉ. शाह को पता चला कि दिया गया पता असली नहीं है और जिस व्यक्ति से वह कॉल पर बात कर रहा था उसने अपना फोन बंद कर दिया है. यह महसूस करते हुए कि वह धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं, डॉ. शाह ने घटना की सूचना कांदिवली पुलिस को दी. अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) और 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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