COVID-19: अमेरिकी सीनेटर ने चीन पर प्रतिबंध लगाने के लिए कांग्रेस में कानून पेश किया.

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वाशिंगटन,  दुनिया भार में लाखों लोगों की जान ले चुके कोरोना वायरस को लेकर चीन पर लगातार जानकारी छीपाने के आरोप लग रहे हैं। इस बीच नौ प्रभावशाली अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने कांग्रेस में एक कानून पेश किया है जिसमें राष्ट्रपति को चीन पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि अगर चीन वायरस को लेकर सहयोग करने में विफल रहता है और कोरोना वायरस के प्रकोप के लिए अग्रणी घटनाओं का पूरा लेखा प्रदान नहीं करता है, तो उसपर प्रतिबंध लगाया जाए।

दुनिया भर में कोरोना वायरस महामारी के कारण 2 लाख 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं। वहीं अमेरिका में जानलेवा वायरस की वजह से अबतक 80 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और अमेरिका कोरोना वायरस के 14 लाख मामलों के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला देश है।

सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा लिखित और आठ अन्य सीनेटरों द्वारा समर्थित कोविड-19 जवाबदेही अधिनियम (COVID-19 Accountability Act) को मंगलवार को कांग्रेस के ऊपरी कक्ष में पेश किया गया। यह अधिनियम अमेरिकी राष्ट्रपति को 60 दिनों के भीतर कांग्रेस को एक प्रमाण पत्र बनाने का आदेश देता है कि चीन ने अमेरिका, उसके सहयोगियों या संयुक्त राष्ट्र के सहयोगी संगठनों जैसे विश्व स्वास्थ्य संगठन के नेतृत्व में किसी भी कोविड-19 जांच को सभी जानकारी प्रदान किया है और उसने सभी सी-फूड मार्केट के परिचालन को बंद कर दिया है जिसने मनुष्यों को स्वास्थ्य को जोखिमों में डालने का काम किया है।

प्रमाण पत्र नहीं बनने के हालात में राष्ट्रपति को चीन पर कई तरह के प्रतिबंधों को लागू करने के लिए अधिकृत किया जाएगा। इसमें संपत्ति फ्रीज करना, यात्रा प्रतिबंध, वीजा निरस्तीकरण और चीनी कंपनियों को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध होने से रोकने का प्रावधान है।

ग्राहम ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सहयोग के बिना कोरोना वायरस संयुक्त राज्य अमेरिका में नहीं आया होगा। चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को वुहान लैब में जांच करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। उन्होंने जांचकर्ताओं को यह अध्ययन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया कि यह प्रकोप कैसे शुरू हुआ। मुझे विश्वास है कि चीन कभी भी एक गंभीर जांच में सहयोग नहीं करेगा जब तक कि वे ऐसा करने के लिए तैयार न हों।’ उन्होंने कहा कि जब तक वे जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं करेंगे, तब तक चीन को सख्त प्रतिबंधों का सामना करना होगा।