COVID-19 के कारण नौकरी खोए श्रमिकों को दोबारा UAE भेजनी की तैयारी में भारत सरकार

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भारत सरकार, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन में अपने श्रमिकों की वापसी की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है जिन्होंने इस साल की शुरुआत में कोविड महामारी के दौरान अपनी नौकरी खो दी थी और भारत वापस आ गए थे। व्यवसायों को बंद करने के कारण हजारों भारतीयों को संयुक्त अरब अमीरात छोड़ना पड़ा और कर्मचारियों को अवैतनिक छुट्टी पर भेज दिया गया।

अगस्त में दुबई में भारत के महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, वंदे भारत मिशन की शुरुआत के बाद से अबू धाबी, दुबई, शारजाह, अजमान, उम्म अल-क्वैन, फुजैरा और रास खैमा से भारत में पांच लाख से अधिक भारतीयों को वापस भेजने के लिए पंजीकृत किया गया था। इतने भारतीयों को उनके देश वापस भेजने के लिए एक मेगा आयोजन किया गया।

हालांकि, भारत और यूएई के बीच घनिष्ठ संबंध को दर्शाते हुए, वहां की सरकार ने सहायक प्रयासों की एक श्रृंखला के माध्यम से समुदाय की देखभाल के लिए असाधारण उपाय किए। इस संबंध में, उन्हें दूतावास और वाणिज्य दूतावास द्वारा सहायता प्रदान की गई, जिन्होंने भारतीय सामुदायिक संगठनों के साथ समन्वय में काम किया। इसी तरह के कदम बहरीन और अन्य खाड़ी राज्यों में भी उठाए गए थे। इसे 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी बताया गया।


वहीं, अपनी तरफ से कोविड -19 संकट के चरम पर, भारत ने संयुक्त अरब अमीरात को आवश्यक सामान उपलब्ध कराना जारी रखा। इसके अलावा विशेष उड़ानों की अनुमति दी गई। इसमें डॉक्टरों और नर्सों को संयुक्त अरब अमीरात में भेजा गया। भारत और यूएई के बीच मधुर संबंध हाल ही में तब प्रदर्शित हुए जब भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने प्रतिष्ठित इंडियन प्रीमियर लीग को यूएई में स्थानांतरित कर दिया क्योंकि मेगा इवेंट आयोजित करने के लिए भारत में परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं।


पिछले हफ्ते, विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर भारत और यूएई के बीच रणनीतिक सहयोग की प्रगति पर चर्चा करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात में थे। इससे पहले वह इसी तरह के मिशन पर बहरीन गए थे।

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