Coronavirus: शराब पीते हैं तो जरूर पढ़ें यह खबर, कहीं खतरे में तो नहीं डाल रहे जिंदगी

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नई दिल्ली, लॉकडाउन के बीच शराब के लिए उमड़ी भीड़ को डॉक्टरों ने खतरनाक बताया है। डॉक्टर कहते हैं कि शराब की दुकानों को खोलने का फैसला आमघाती कदम साबित हो सकता है। साथ ही शराब के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, इसलिए कोरोना का संक्रमण होने पर पीड़ित की हालत गंभीर हो सकती है। ऐसे में बेहतर है कि शराब का सेवन न करें। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute Of Medical Sciences, New Delhi) के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के सचिव डॉ श्रीनिवास राजकुमार ने फैसले को आमघाती बताते हुए कहा कि इससे लॉकडाउन का प्रभाव कम हो जाएगा। इसके अलावा कोरोना का संक्रमण बढेगा। साथ ही घरेलू हिंसा की घटनाएं भी बढ़ेगीं।

वहीं, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ अजय लेखी ने कहा कि सरकार को इस तरह शराब की दुकानें खोलने का फैसला नहीं करना चाहिए था। यह गलत फैसला साबित हुआ। जिस तरह शराब के लिए भीड़ जुटी उससे देखकर लगता है कि लोगों को राशन से ज्यादा शराब की जरूरत है। यहां अब पान व सिगरेट की दुकानें भी शुरू हो गईं।

लोगों को लगता है कि शराब पीने से कोरोना खम हो जाएगा तो यह खतरनाक सोच है। डब्ल्यूएचओ भी दिशा निर्देश जारी कह कह चुका है कि शराब के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। इसके अलावा शराब के नशे में गाड़ी चलाने पर सड़क हादसे भी बढे़ंगे।

दिल्ली में 21 फीसद लोग पीते हैं शराब

दिल्ली में करीब हर पांचवा व्यक्ति शराब का सेवन करता है। चिंता की बात यह है कि इसमें से करीब एक तिहाई लोग ऐसे हैं जिन्हें शराब की लत है। वे शराब के बगैर नहीं रहना चाहते। यह बात पिछले साल एम्स द्वरा राष्ट्रीय स्तार पर किए गए सर्वे में सामने आई थी।

एम्स के राष्ट्रीय व्यसन उपचार केंद्र के प्रोफेसर डॉ अतुल अंबेकर ने कहा देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले दिल्ली में शराब पीने वालों की संख्या अधिक है। देश में 15 फीसद लोग शराब का सेवन करते हैं। दिल्ली में यह आंकडा 21 फीसद है। वहीं देश में शराब का सेवन करने वालों में से करीब साढं पांच फीसद लोगों को इसकी लत है। इस वजह से उन्हें कोई न कोई परेशानी है। दिल्ली में यह आंकडा 6.2 फीसद है। इस तरह शराब की लत से पीड़ित लोगों की संख्या दिल्ली में देश की औसत से ज्यादा है। जिन्हें इसकी लत है उन लोगों को इलाज मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शराब की लत से पीड़ित लोगों का अधिक होना एक बड़ा मसला है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई चीज लंबे समय तक बंद रहने के बाद खुलेगी तो इस तरह का भीड़ होना ज्यादा हैरान करने वाली बात नहीं है। यदि शारीरिक दूरी का लोग ख्याल रखें तो ठीक रहेगा। अल्कोहल वैसे भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

कोरोना के संक्रमण के बीच यदि शराब के सेवन से खुद को शारीरिक रूप से कमजोर कर रहे हैं तो यह सही नहीं है, लेकिन जिन्हें शराब की लत लग जाती है उन लोगों को यदि शराब न मिले तो उनके लिए परेशानी हो सकती है। इस वजह से एम्स ने पिछले दिनों एक दिशा निर्देश जारी किया गया था। शराब की लत अचानक छोड़ने पर खतरा हो सकता है। ऐसे लोगों को इलाज मिलना चाहिए, क्योंकि शराब की लत से पीड़ित लोग इसे पाने की कोशिश जरूर करेंगे। ऑनलाइन प्रशिक्षण किया गया शुरू उन्होंने कहा कि शराब की लत छुडाने का ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू किया गया है। कोई भी डॉक्टर तीन घंटे का यह प्रशिक्षण लेकर लोगों को शराब की लत बचाने में मदद कर सकते हैं।