LIVE: प्रधानमंत्री मोदी और IPS कैडेट की बातचीत, दी सलाह- ‘कान में फिल्टर लगा काम की करें शुरुआत’

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LIVE: प्रधानमंत्री मोदी और IPS कैडेट की बातचीत, दी सलाह- ‘कान में फिल्टर लगा काम की करें शुरुआत’
हैदराबाद में भारतीय पुलिस सेवा के प्रोबेशनर्स की पासिंग आउट परेड के बाद प्रोबेशनर अधिकारियों से प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की।

 

 तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आइपीएस के प्रोबेशनर कैडेट से बात की। फिल्म ‘सिंहम’ का जिक्र करते हुए कहा कि अच्छी टीम के साथ सामान्य मानवीय के बीच प्रेम का सेतु जोड़ने का काम करें। यहां के सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में दीक्षांत परेड के दौरान प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवा आइपीएस अधिकारियों से उनके अनुभवों पर चर्चा कर रहे हैं।

जनप्रतिनिधि का सम्मान यानि लोकतंत्र का सम्मान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘क्या कभी हमने अपने थाने के कल्चर पर बल दिया है? हमारा थाना सामाजिक विश्वास का केंद्र कैसे बनें? आपके अतर्गत जितने भी थाने आएं वहां बदलाव लाने की एक लिस्ट तैयार करें, व्यक्ति को बदल पाऊं या न पाऊं लेकिन व्यवस्था और पर्यावरण को बदल सकता हूं, ये आपकी प्रथमिकता रहनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में दल कोई भी हो, जन प्रतिनिधि का एक बड़ा महत्व होता है। जन प्रतिनिधि का सम्मान मतलब लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान।’

‘काम की शुरुआत में रहें over conscious’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैं चाहूंगा कि शुरू के कार्यकाल में बेहद सतर्क रहें क्योंकि फर्स्ट इंप्रेशन इज लास्ट इंप्रेशन। शुरू में जो आपकी छवि बनेगी वहीं आपके साथ ट्रैवल करेगी। इसलिए सतर्क रहें।’ उन्होंने कहा कि शुरू में कष्ट हो तो कष्ट लेकिन कान में फिल्टर लगा दीजिए लीडरशिप में सक्सेस होना है तो यह जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा,’सभी नए पुलिस अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि आप अपनी सेवा के शुरु के दिनों में ही जितना over conscious रह सकें, उतना रहिएगा। आपको चाहे शुरु में कष्ट सहने पड़े, लेकिन अपने कान से, अपनी आंख से और अपने दिमाग से चीजों को समझने का प्रयास कीजिएगा। आप तय कीजिए कि आपके आस पास के थाने सामाजिक विश्वास का केंद्र कैसे बने, इसके लिए प्रयास करें। आप तय करें कि व्यवस्था को, वातावरण को आप बदलेंगे।’

टेक्सटाइल और टेरर के बीच का बताया फर्क

बिहार मूल की कैडेट तनुश्री से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने टेक्सटाइल और टेरर के बीच का अंतर समझाया। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल में धागा जोड़ना होता है और टेरर में धागा खोलना होता है। दोनों अलग पहलू के काम हैं। दरअसल, कैडेट तनुश्री ने बताया कि उन्होंने गांधीनगर से टेक्सटाइल डिजाइनिंग में ट्रेनिंग ली और जम्मू कश्मीर में काउंटर टेरर गतिविधि में शामिल हुई।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘तनाव में काम करने वालों के लिए योग (Yoga) और प्राणायाम (Pranayam) काफी अच्छा है। आपको हमेशा फायदा मिलेगा। कितना भी काम हो आपको तनाव का अहसास नहीं होगा।’ प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘ मैं नियमित तौर पर युवा IPS अधिकारियों से मुलाकात करता हूं। लेकिन इस साल कोरोना के कारण मैं आप सब से मिलने में असमर्थ हूं। लेकिन मैं अपने कार्यकाल में आप सबसे जरूर मुलाकात करूंगा।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज की जिंदगी में सभी कामों में हर किसी को तनाव रहता है। ये जीवन का हिस्सा है लेकिन ये ऐसी चीज नहीं, जिसे मैनेज न किया जा सके।अगर हम साइंटिफिक तरीके से अपने व्यक्तित्व को,अपनी क्षमताओं और अपनी जिम्मेदारियों को संतुलित तरीके से व्यवस्थित करें तो इसे आसानी से मैनेज कर सकते हैं।’

इस बारे में एक दिन पहले ही गुरुवार को प्रधानमंत्री ने इसके लिए ट्वीट कर जानकारी दी ओर कहा, ‘शुक्रवार 4 सितंबर को सुबह 11 बजे, मैं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से IPS प्रोबेशनरों के सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के दीक्षांत समारोह को संबोधित करूंगा।’

28 महिलाओं समेत 131 आईपीएस प्रोबशनर्स ने अकादमी में अपने 42 सप्ताह के बुनियादी पाठ्यक्रम प्रथम चरण के प्रशिक्षण को पूरा कर लिया है। ये सभी लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी और हैदराबाद में स्थित डॉ मैरी चन्ना रेड्डी एचआरडी संस्थान से अपना फाउंडेशन कोर्स पूरा करने के बाद 17 दिसंबर, 2018 को अकादमी में शामिल हुए थे।

इस बुनियादी पाठ्यक्रम के दौरान प्रोबेशनर्स को कानून, जांच, फोरेंसिक, नेतृत्व एवं प्रबंधन, अपराध विज्ञान, सार्वजनिक व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा, नैतिकता और मानव अधिकारों, आधुनिक भारतीय पुलिस तंत्र, रणनीति, हथियार प्रशिक्षण जैसे विभिन्न विषयों में प्रशिक्षण दिया जाता है।

कोविड-19 के कारण लॉकडाउन 2017 और 2018 की 131 प्रोबेशनरी आइपीएस अधिकारियों के बैच के लिए बेहतर प्रशिक्षण का समय साबित हुआ। इस बैच में 103 पुरुष ओर 26 महिला कैडेट शामिल हैं। कैडेट्स को बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने का अनुभव भी मिला जब वे मंगलवार को गणेश विसर्जन के दौरान तैनात किए गए थे। इनमें से 11 को तेलंगाना कैडर में प्रवेश की अनुमति मिल गई है।