‘राहुल गांधी की ताकत और समर्थन को पचा नहीं पा रही बीजेपी’, डीके शिवकुमार ने सजा को बताया साजिश

64

मोदी सरनेम मामले में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को मिली दो साल की सजा को लेकर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बीजेपी और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई को बीजेपी की साजिश बताया.

राहुल गांधी की आवाज को दबाना चाहती है बीजेपी : शिवकुमार

कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, चूंकि राहुल गांधी देश के लिए आवाज उठाना चाहते थे, इसलिए उन्हें कोर्ट द्वारा अभूतपूर्व सजा दी गई है. यह भाजपा नेताओं की राजनीतिक साजिश है, वे (भाजपा) राहुल गांधी की ताकत और समर्थन को पचा नहीं सके. हमने कर्नाटक में सभी विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की, जहां राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान चले थे’.

राहुल गांधी के साथ खड़ी है कांग्रेस पार्टी

डीके शिवकुमार ने कहा, कांग्रेस पार्टी के सभी सदस्य राहुल गांधी के साथ हैं और उनकी अयोग्यता के खिलाफ हैं. कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, हम उनका समर्थन करने के लिए एक मौन विरोध प्रदर्शन का आयोजन कर रहे हैं क्योंकि वह देश के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं.

12 जुलाई को हर राज्य में मौन सत्याग्रह करेगी कांग्रेस

कांग्रेस ने भाजपा पर राहुल गांधी को लोकसभा सदस्य के रूप में अयोग्य ठहराने के लिए घटिया चाल चलने का आरोप लगाते हुए घोषणा की कि विरोध स्वरूप इसके कार्यकर्ता और नेता 12 जुलाई को हर राज्य की राजधानी में महात्मा गांधी की प्रतिमाओं के पास ‘मौन सत्याग्रह’ करेंगे.

भाजपा ने राहुल गांधी को संसद से अयोग्य ठहराने के लिए घटिया चाल चली

कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने रविवार को कहा कि गांधी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के सर्वाधिक मजबूत और मुखर प्रतिद्वंद्वी रहे हैं. वेणुगोपाल ने कहा, बेहद सफल ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद, राहुल गांधी ने लोकसभा में एक ऐतिहासिक भाषण दिया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और अडानी समूह के बीच संबंधों का खुलासा किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि परिणामस्वरूप, भाजपा ने गांधी को संसद से अयोग्य ठहराने के लिए अपनी घटिया चाल चली.

मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी को गुजरात सेशन कोर्ट ने सुनायी दो साल की सजा

गौरतलब है कि गुजरात के सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनायी है. जिसके बाद राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से भी हाथ धोना पड़ा. राहुल गांधी ने फैसले के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से भी उन्हें निराश हाथ लगी.

Source link

Get real time updates directly on you device, subscribe now.