Congress CEC: कांग्रेस की सीईसी का पुनर्गठन, खरगे, सोनिया और राहुल समेत 16 नेताओं को मिली जगह

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कांग्रेस ने सोमवार को अपनी केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) का पुनर्गठन किया, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत कुल 16 नेताओं को शामिल किया गया. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष ने सीईसी का गठन किया.

नई सीईसी में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को भी मिली जगह

नई सीईसी में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वरिष्ठ नेता ए के एंटनी, गिरिजा व्यास, मुकुल वासनिक, वीरप्पा मोइली, मोहसिना किदवई और जनार्दन द्विवेदी शामिल नहीं हैं, जो पिछली सीईसी में शामिल थे. मनमोहन सिंह, एंटनी, वासनिक और मोइली को हाल ही में कार्य समिति में जगह दी गई थी.

कांग्रेस की नई सीईसी में ये नेता भी शामिल

कांग्रेस की नई सीईसी में खरगे, सोनिया और राहुल गांधी के अलावा वेणुगोपाल, अंबिका सोनी, अधीर रंजन चौधरी, मधुसूदन मिस्त्री, उत्तम कुमार रेड्डी, टी एस सिंह देव, सलमान खुर्शीद, केजे जॉर्ज, प्रीतम सिंह, मोहम्मद जावेद, अमी याजनिक, पीएल पूनिया और ओमकार मरकाम को शामिल किया गया है. कांग्रेस की सीईसी चुनावों में उम्मीदवारों के नाम अंतिम मुहर लगाती है.

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ से घबराई सरकार, हम समय पूर्व चुनाव के लिए भी तैयार: कांग्रेस

कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि सरकार विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के गठन एवं इसकी बैठकों से पूरी तरह घबरा गई है और इसलिए वह ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ तथा समय पूर्व चुनावों के बारे में सोच रही है. पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस समय पूर्व लोकसभा चुनाव समेत किसी भी राजनीतिक परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है. यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस समय पूर्व चुनाव की स्थिति के लिए तैयार है, तो वेणुगोपाल ने कहा, हम किसी भी चीज़ के लिए तैयार हैं. आज का दौर ऐसा है कि हम कुछ भी होने की उम्मीद कर सकते हैं और इसलिए हमारी पार्टी किसी भी चीज के लिए तैयार है. वे जल्दी चुनाव चाहते हैं, इसका मतलब है कि वे ‘इंडिया’ गठबंधन के गठन और हमारी लगातार तीन बैठकों के बाद पूरी तरह से घबरा गए हैं.

संविधान संशोधन के बिना एक राष्ट्र, एक चुनाव असंभव : जयराम रमेश

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विषय पर कहा, एक राष्ट्र, एक चुनाव संविधान संशोधन के बिना असंभव है. संविधान संशोधन के लिए आम सहमति की सख्त जरूरत होती है. ये सब बाद में देखा जाएगा. अभी तो एक समिति का गठन हुआ है. हमारा विचार बिल्कुल साफ है. कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ कहा है कि ये संघीय ढांचे पर एक भयंकर आक्रमण है और संविधान के संशोधन के बिना हम आगे नहीं बढ़ सकते हैं.

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