राष्ट्र और परिवार की तुलना ठीक नहीं, UCC पर चिदंबरम का बयान आया सामने, आलोचना में कह दी यह बात

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पीएम मोदी ने भोपाल में अपने कार्यक्रम के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यूनिफार्म सिविल कोड की जमकर वकालत की. पीएम के बयान से इस बात को काफी जोर मिला कि, अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले केंद्र की बीजेपी सरकार संसद में यूसीसी बिल को पेश कर सकती है. इस मामले को लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी है. प्रतिक्रियाओं के बीच अब कांग्रेस ने भी यूसीसी पर पीएम मोदी के बयान को बीजेपी की मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने वाली राजनीती बताकर इसकी जमकर आलोचना की है.

यूसीसी की वकालत राजनीतिक बहस का मुद्दा

सीनियर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने आलोचना करते हुए कहा कि यह एक परिवार और राष्ट्र के बीच तुलना है. समान नागरिक संहिता को उचित ठहराना, जैसा कि पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने संबोधन में किया, वह त्रुटिपूर्ण है. समान नागरिक संहिता की वकालत करते हुए पीएम मोदी ने पूछा कि क्या एक परिवार दो तरह के नियमों से चलता है ? 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले यूसीसी की वकालत राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है.

चिदंबरम ने शेयर किया ट्वीट

चिदंबरम ने एक ट्वीट शेयर करते हुए लिखा कि, माननीय प्रधान मंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) की वकालत करते हुए एक राष्ट्र को एक परिवार के बराबर बताया है. हालांकि, अमूर्त अर्थ में उनकी तुलना सच लग सकती है, वास्तविकता बहुत अलग है. एक परिवार खून के रिश्तों से एक सूत्र में बंधा होता है. एक राष्ट्र को संविधान द्वारा एक साथ लाया जाता है जो एक राजनीतिक-कानूनी दस्तावेज है. एक परिवार में भी विविधता होती है. भारत के संविधान ने भारत के लोगों के बीच विविधता और बहुलता को मान्यता दी. यूसीसी एक आकांक्षा है. इसे एजेंडा-संचालित बहुसंख्यकवादी सरकार द्वारा लोगों पर थोपा नहीं जा सकता. माननीय प्रधान मंत्री यह प्रकट कर रहे हैं कि यूसीसी एक सरल अभ्यास है. उन्हें पिछले विधि आयोग की रिपोर्ट पढ़नी चाहिए जिसमें बताया गया था कि इस समय यह संभव नहीं है.

भाजपा की कथनी और करनी के कारण बंटा देश

चिदंबरम ने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि, भाजपा की कथनी और करनी के कारण आज देश बंटा हुआ है. लोगों पर थोपा गया यूसीसी केवल विभाजन को बढ़ाएगा. यूसीसी के लिए माननीय प्रधान मंत्री की मजबूत वकालत का उद्देश्य मुद्रास्फीति, बेरोजगारी, घृणा अपराध, भेदभाव और राज्यों के अधिकारों को नकारने से ध्यान भटकाना है. लोगों को सतर्क रहना होगा. सुशासन में विफल होने के बाद, भाजपा मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने और अगला चुनाव जीतने का प्रयास करने के लिए यूसीसी को तैनात कर रही है.

क्या दो अलग नियमों से चल सकता है एक परिवार

चिदंबरम ने कहा कि, जब पीएम मोदी एक भाजपा कार्यकर्ता के सवाल का जवाब दे रहे थे, तो उन्होंने पूछा कि अगर यह इस्लाम का अविभाज्य हिस्सा है तो मुस्लिम-बहुल देशों ने ट्रिपल तलाक को क्यों खत्म कर दिया. पीएम मोदी ने तीन तलाक से लेकर समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर चर्चा की और पूछा कि अगर एक परिवार दो अलग-अलग नियमों पर नहीं चल सकता तो एक देश दोहरे नियमों पर कैसे चल सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि यूसीसी के मुद्दे पर मुसलमानों को भड़काया जा रहा है और जो लोग इसका विरोध करते हैं वे वोटबैंक की राजनीति कर रहे हैं.

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