दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट में बदलाव के लिए सीएम केजरीवाल ने लिखा केंद्र को पत्र

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली में हर साल करीब 2.5 लाख बच्चे 12वीं पास करते हैं इसमें से केवल 1.25 लाख बच्चों को ही दिल्ली के कॉलेजों या यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिल पाता है।

नए दिल्ली (दिल्ली न्यूज़24) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की संख्या काफी कम होने की वजह से कई कॉलेजों में कटआँफ 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है और एडमिशन के लिए मारामारी हो रही है। हम दिल्ली में कई नए कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलना चाहते हैं, लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट इसमें अड़चन पैदा कर रहा हैं। इसलिए मैने अंग्रेजों द्वारा बनाए गए दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट 1922 के सेक्शन 5(2) को हटाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है, ताकि दिल्ली में नए कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलने का रास्ता साफ हो सके।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में हर साल करीब 2.5 लाख बच्चे 12वीं पास करते हैं, इसमें से केवल 1.25 लाख बच्चों को ही दिल्ली के कॉलेजों या यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिल पाता है। वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी से 91 और आईपी यूनिवर्सिटी से 127 काॅलेज संबद्ध हैं और अब उनकी क्षमता भर हो चुकी है, इसीलिए डीयू ने पिछले 30 वर्षों में एक भी नया कॉलेज नहीं खोला है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अंदर इस समय बहुत सारे कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलने की जरूरत है। इसके लिए दिल्ली सरकार तैयार है केजरीवाल ने कहा कि 1998 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस एक्ट में मामूली सा संशोधन करके यह कहा गया था कि दिल्ली के साथ-साथ आईपी यूनिवर्सिटी के साथ भी किसी कॉलेज को संबद्ध किया जा सकता है। आईपी यूनिवर्सिटी केवल प्रोफेशनल कोर्स के लिए बनाई गई थी। यह यूनिवर्सिटी रेगुलर बीए, बीएससी के लिए नहीं बनाई गई थी। अब आईपी यूनिवर्सिटी के साभी भी 127 कॉलेज संबद्ध हो चुके हैं और अब उसकी भी क्षमता भर चुकी है।

इसलिए अब यह जरूरी है कि अंग्रेजों के द्वारा बनाए गए इस कानून को अब बदला जाए। हमारे बच्चों को उच्च शिक्षा की जरूरत है। 12वीं क्लास तक उनको पढ़ाने के लिए हमने दिल्ली में खूब स्कूल बना दिए, स्कूल में बुनियादी सुविधाएं अच्छी कर दी। अब हम बहुत से कॉलेज और यूनिवर्सिटी बनाना चाहते हैं।