मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती तथा ईद पर बिजली आपूर्ति सुचारू रखने का निर्देश

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सभी धर्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता, पेयजल आदि के प्रबंध किए जाएं। लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखें।

लखनऊ। देश के साथ ही उत्तर प्रदेश में बिजली संकट के बीच में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्यौहार पर प्रदेश में बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने का निर्देश दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को टीम-09 के साथ समीक्षा बैठक में अधिकारियों को प्रदेश में बिजली की मांग तथा आपूूर्ति में भी समन्वय बनाने को कहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती और ईद के अवसर पर प्रदेश में बिजली आपूर्ति सुचारू रखें। कहीं पर भी अनावश्यक कटौती न हो। इसके साथ ही उनका निर्देश है कि सभी धर्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता, पेयजल आदि के प्रबंध किए जाएं। लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दिनों की दिल्ली यात्रा के दौरान मेरी गृह मंत्री अमित शाह के साथ ही ऊर्जा मंत्री और रेल मंत्री के साथ बिजली आपूर्ति के सम्बंध में सकारात्मक बातचीत हुई। तीनों माननीय मंत्रीगणों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। कोयले की ढुलाई के लिए रेलवे हमें अतिरिक्त रैक देने जा जा रहा है तो भारत सरकार से अतिरिक्त बिजली भी प्राप्त होगी। इस दौरान भी रोस्टर के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए समुचित प्रबंध किए जाएं। फिलहाल स्थिति सामान्य है और रोस्टर के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी उपभोक्ता को गलत बिजली बिल न मिले और सभी को समय से बिल मिल जाए। इस दौरान भी ओवरबिलिंग अथवा विलंब से बिल दिया जाना उपभोक्ता को परेशान तो करता ही है, व्यवस्था के प्रति निराश भी करती है और वह बिल जमा करने के प्रति उत्साहित नहीं होता। ऐसे में समय से बिल और सही बिल दिया जाना सुनिश्चित करें। इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिजली आपूर्ति होती रहे इसके लिए बिल का भुगतान जरूरी है। बिजली का उपभोग करने वाले हर उपभोक्ता की यह जिम्मेदारी है कि वह समय से बिजली बिल का भुगतान करे। ऊर्जा विभाग/विद्युत निगमों को बिल के समयबद्ध संकलन के लिए ठोस प्रयास करना होगा। बकायेदारों से लगातार संपर्क करें, संवाद करें। समय से बिल भेजें, सही बिल दें। कलेक्शन सिस्टम में सुधार की जरूरत है।