Balasore Train Accident: सीबीआई ने रेलवे के गिरफ्तार तीन अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया

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बालासोर ट्रेन हादसा मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के गिरफ्तार तीन अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है. गिरफ्तार अधिकारियों पर आईपीसी की धारा 304 (2), धारा 34 सहपठित 201 और रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 153 के तहत आरोप लगाए गए हैं. मालूम हो सीबीआई ने बालासोर जिले के बाहानगा बाजार रेलवे स्टेशन के पास में दो जून को तीन ट्रेन से जुड़ी दुर्घटना मामले की जांच के संबंध में सात जुलाई, 2023 को महंत और दो अन्य रेलवे अधिकारियों को गिरफ्तार किया था.

स्टेशन पर बिना मंजूरी के लेवल क्रॉसिंग मरम्मत का काम किया गया, सीबीआई ने कहा

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कोर्ट में कहा बताया था कि ओडिशा के बालासोर में बहानगा बाजार रेलवे स्टेशन के पास एक लेवल क्रॉसिंग पर मरम्मत कार्य वरिष्ठ मंडल सिग्नल और दूरसंचार इंजीनियर की बगैर मंजूरी तथा गैर अनुमोदित सर्किट रेखाचित्र के आधार पर किया गया था. सीबीआई ने भुवनेश्वर में एक विशेष अदालत के समक्ष यह दलील देते हुए आरोप लगाया कि दुर्घटना का एक कारण लेवल क्रॉसिंग (एलसी) गेट नंबर 79 के सर्किट रेखाचित्र का इस्तेमाल कर सीनियर सेक्शन इंजीनियर (सिग्नल प्रभारी) अरुण कुमार महंत द्वारा बाहानगा बाजार स्टेशन के पास लेवल क्रॉसिंग (एलसी) गेट नंबर 94 पर किया गया मरम्मत कार्य था.

महंत ने खुद को निर्दोष बताया

महंत ने आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया था कि किमी 255/11-13 पर एलसी गेट नं. 94 ठीक से काम नहीं कर रहा था, लेकिन उच्च अधिकारियों ने इसके लिए सक्रियता से कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा था कि संबंधित पर्यवेक्षण का काम कुछ अन्य व्यक्तियों को सौंपा गया था, इसलिए वह दुर्घटना के लिए जिम्मेदार नहीं हैं.

तीन ट्रेनों की भीषण टक्कर में 296 लोगों की गयी थी जान, 1200 से अधिक लोग घायल

गौरतलब है कि यह भीषण हादसा तब हुआ, जब दो जून को बालासोर जिले के बाहानगा बाजार स्टेशन के पास कोरोमंडल एक्सप्रेस दूसरी लाइन पर खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई और उसके कुछ पटरी से उतरे डिब्बे यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस से टकरा गए. दुर्घटना में 296 लोग मारे गए थे और 1,200 से अधिक घायल हुए थे.

महंत की जमानत याचिका हो चुकी है खारिज

भुवनेश्वर की एक विशेष सीबीआई अदालत ने हाल में महंत की जमानत याचिका इस आधार पर खारिज कर दी कि सीबीआई की ओर से रिकॉर्ड पर प्रस्तुत सामग्री प्रथम दृष्टया मामले में उनकी संलिप्तता को दर्शाती है. सीबीआई ने अदालत में कहा, बाहानगा बाजार रेलवे स्टेशन में उत्तरी गुमटी में किए गए वायरिंग कार्य के समय लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर 94 के संचालन को 110 वोल्ट एसी से 24 वोल्ट डीसी में बदलने के लिए एक अन्य एलसी गेट संख्या 79 के विशिष्ट सर्किट रेखाचित्र का इस्तेमाल किया गया. सीबीआई ने कहा कि नियमावली के अनुसार वर्तमान आरोपी याचिकाकर्ता को यह सुनिश्चित करना था कि मौजूदा सिग्नल और इंटरलॉकिंग प्रणाली का परीक्षण, मरम्मत और बदलाव मंजूर योजना और निर्देशों के अनुसार हों. अदालत ने सीबीआई की दलीलों का हवाला देते हुए कहा, यह पता चलता है कि आरोपियों ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया था, जिसके कारण दुर्घटना हुई और उक्त दुर्घटना में 296 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई तथा कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए.

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