44 उड़ानें रद्द, जल में खड़े होकर विरोध, कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक बंद में जारी है प्रदर्शन

4

Cauvery Water Dispute: तमिलनाडु को जल देने के विरोध में कन्नड़ ओक्कूटा की ओर से आज यानी शुक्रवार को बुलाये गये बंद का कई जगहों पर खासा असर दिख रहा है. बंद को बेंगलुरु समेत राज्य के दक्षिणी इलाकों में लोगों का पूरा समर्थन मिल रहा है. वहीं, एक दिन के बंद से जन-जीवन खासा प्रभावित हुआ है. कर्नाटक बंद के कारण आज 22 आने वाली और 22 प्रस्थान करने वाले यानी उड़ानें रद्द कर दी गई. बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के पीआरओ ने बताया कि कुल 44 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. इधर, कावेरी नदी का जल छोड़े जाने के मुद्दे पर तमिलनाडु के त्रिची में किसान संघ ने कावेरी जल में खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया. वहीं, पुलिस ने कावेरी जल मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे कन्नड़ समर्थक संगठनों के सदस्यों को हिरासत में लिया.

दरअसल, तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने के विरोध में आज कर्नाटक बंद का आह्वान किया गया है. कन्नड़ समर्थकों और किसान संगठनों आज बंद का ऐलान किया है. इससे पहले कावेरी जल विवाद को लेकर बीते मंगलवार को बेंगलुरु बंद बुलाया गया था. बता दें, कर्नाटक रक्षण वेदिके, कन्नड़ चलवली (वटल पक्ष) समेत कन्नड़ संगठनों और विभिन्न किसान संगठनों के शीर्ष संगठन ‘कन्नड़ ओक्कुटा’ ने पूरे राज्य में सुबह से शाम तक बंद का आह्वान किया है.

विशाल जुलूस का किया जाएगा आयोजन- आयोजक
बंद को लेकर आयोजकों का कहना है कि बंद के दौरान विशाल जुलूस का आयोजन किया जाएगा. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आयोजकों ने कहा कि शहर में टाउन हॉल से फ्रीडम पार्क तक एक विशाल प्रदर्शन जुलूस निकाला जाएगा. इस जुलूस में सभी जगह के लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है. आयोजकों का कहना है कि बंद के दौरान पूरे कर्नाटक में राजमार्गों, टोल गेटों, रेल सेवाओं और हवाई अड्डों को भी बंद करने की कोशिश की जाएगी. वहीं, बंद का विपक्षी दल बीजेपी और जेडीएस समर्थन कर रही है. इसके अलावा होटल, ऑटो रिक्शा और कार चालकों के संघ ने भी बंद का समर्थन किया है.

बंद का कर रहे समर्थन
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कर्नाटक प्रदेश निजी स्कूल संघ के एक पदाधिकारी ने कहा है कि वे बंद को अपना नैतिक समर्थन दे रहे हैं. इस बीच राज्य के परिवहन विभाग ने सरकारी परिवहन निगमों को अपनी सेवाएं जारी रखने का निर्देश दिया है. कुछ कार्यकर्ताओं ने कावेरी का पानी तमिलनाडु को दिए जाने के खिलाफ कावेरी बेसिन वाले जिले मांड्या में गुरुवार को भी प्रदर्शन किया. वे पिछले 15 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने तमिलनाडु के प्रति नरम रुख अपनाया और वह मामले पर उचित तरीके से ध्यान नहीं दे रही है.

कर्नाटक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों से सौहार्दपूर्ण समाधान की बीजेपी ने की अपील
उधर, बीजेपी ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कावेरी जल विवाद को लेकर सौहार्दपूर्ण समाधान की अपील की है. बीजेपी के राज्यसभा सदस्य लहर सिंह सिरोया ने कहा है कि उन्होंने चेन्नई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मिलकर बेंगलुरु में बढ़ते जल संकट की जानकारी देने के लिए 48 घंटे तक इंतजार किया लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी. उन्होंने कहा कि वो तमिलनाडु से आग्रह करने भी गये थे कि कावेरी मुद्दे को मानवीय आधार पर देखे, न कि क्षेत्रीय विवाद के तौर पर. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगर कर्नाटक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री चर्चा करें तो इस संकट का सौहार्दपूर्ण समाधान निकल सकता है.

भाषा इनपुट के साथ

Source link

Get real time updates directly on you device, subscribe now.