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Interview

पिता की पगड़ी का मान बढ़ाने के लिए दोनों हाथों से दान-धर्म करता है यह युवा समाजसेवी

बापे पूत परापत घोड़ा, बहुत नहीं तो थोड़ा थोड़ा… ये लाइनें चाहें जिस वजह से लिखीं गई हो पर बात बहुत पते की है। दिल्ली

राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद इस युवा ने कभी संस्कारों से समझौता नहीं…

अपने दादा जी से मिले संस्कारों, पिता से मिले विचारों और इंग्लैंड से पढ़कर वापस लौटे अरूणोदय गुप्ता, आज एक संपूर्ण

18 साल की उम्र में इस युवा ने संभाली आदर्श नगर जिला यूथ कांग्रेस के महासचिव पद की…

खुुदी को कर बुलंद इतना कि हर तदबीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है… इन पंक्तियों को दोहराते हुए