Budget 2024 Income Tax: आमलोगों को इनकम टैक्स में राहत नहीं, केंद्र सरकार ने आयकर स्लैब में नहीं किया बदलाव

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Budget 2024 Income Tax: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का ये आखिरी बजट है. लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में होने की संभावना है. चुनाव पूर्व इस बजट को अंतरिम बजट (Interim Budget) कहा जाता है. पारंपरिक रुप से इसमें टैक्स को लेकर कोई खास बदलाव नहीं किया जाता है. इससे पहले वित्त मंत्रालय के तरफ से भी दिसंबर के महीने में बताया गया था कि अंतरिम बजट में बड़े नीतिगत फैसले और बड़ी घोषणा के होने की संभावना कम है. ऐसे में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अपने अंतरिम बजट भाषा (‍Budget 2024 Speech) में आयकर से जुड़ा कोई बदलाव नहीं किया है. उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए देश के करदाताओं का धन्यवाद किया है. उन्होंने कहा कि उनके कर का सही इस्तेमाल हो रहा है. सरकार की तरफ से कर कटौती की गयी है.

वित्त मंत्री ने क्या कहा

बजट सत्र में वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि पीएम-स्वनिधि से 78 लाख रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को लाभ मिला है. इसके साथ ही, पीएम विश्वकर्मा योजना ने भी बड़ी संख्या में लोगों को लाभांवित किया गया है. देश में 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है. उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर खर्च 11 प्रतिशत बढ़ाकर 11.11 लाख करोड़ रुपये रहेगा जो देश के जीडीपी का 3.4 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि राज्यों में विकास के लिए 75,000 करोड़ रुपये के ब्याज-मुक्त कर्ज का प्रावधान रह गया है.

क्या मिला था पिछले बजट में

केंद्र सरकार के द्वारा पेश किये गए पिछले बजट में टैक्स पेयर्स को नये टैक्स रिजीम की सौगात दी थी. हालांकि, इसके साथ आप ओल्ड टैक्स रिजीम में भी अपना इनकम टैक्स फाइल कर सकते थे. पहले पांच लाख तक के आय को टैक्स फ्री थी, जिसे नए टैक्स रिजीम में बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया गया. इसके साथ ही, 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी दिया गया है. सरकार ने 10 करोड़ रुपए से ज्यादा के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट को खत्म कर दिया था. इस पर अब 20 प्रतिशत कर लगता है. अग्निवीर कॉर्पस फंड से प्राप्त भुगतान पर भी छूट की घोषणा की गयी थी. सरकार ने सीनियर सिटिजन को तोहफा देते हुए वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के तहत जमा की जाने वाली राशि की लिमिट को बढ़ाकर 15 लाख रुपये से 30 लाख रुपये कर दिया गया. साथ ही, सेविंग को बढ़ावा देने के लिए पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की लिमिट को दोगुना करके 9 लाख रुपये से 15 लाख रुपये कर दिया था. महिला सम्मान बचत प्रमाण पत्र की भी शुरूआत की गयी थी.

नई टैक्स स्लैब

  • 3 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं

  • 3-6 लाख रुपये तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स (सेक्शन 87ए में टैक्स छूट)

  • 6-9 लाख रुपये की आय पर 10 फीसदी टैक्स

  • 9-12 लाख रुपये की आय पर 15 फीसदी टैक्स

  • 12-15 लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी टैक्स

  • 15 लाख से अधिक की आय पर 30 फीसदी टैक्स

पुरानी टैक्स व्यवस्था में टैक्स स्लैब

  • 2.5 लाख रुपये तक की आय पर बेसिक छूट टैक्स छूट (50 हजार का स्टैंडर्ड डिडेक्शन)

  • 2.5 से 5 लाख रुपये तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स

  • 5 लाख रुपये से 7.5 लाख रुपये तक की आय पर 15 फीसदी टैक्स

  • 7.5 लाख से 10 लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी टैक्स

  • 10 लाख रुपये से ज्यादा की आय पर 30 फीसदी

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