Budget 2021 में गोल्‍ड एक्‍सचेंज को लेकर बड़ा ऐलान, SEBI बनेगा नियामक

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सरकार ने कहा है कि सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) गोल्ड एक्सचेंजेज का भी डेजिगनेटेड रेगुलेटर होगा। सेबी का काम सोने से जुड़ी लेनदेन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के बजट भाषण में कहा, ”वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में सरकार ने देश में रेगुलेटेड गोल्ड एक्सचेंजज की प्रणाली स्थापित करने का इरादा जाहिर किया था। इस उद्देश्य के लिए सेबी को रेगुलेटर (नियामक) के तौर पर नोटिफाई किया जाएगा।” विश्लेषकों ने इसे काफी महत्वपूर्ण कदम करार दिया है। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

इसके साथ ही सरकार ने वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी को सुदृढ़ बनाने की बात भी कही है। सीतारमण ने कहा कि यह अथॉरिटी एक कमोडिटी मार्केट इकोसिस्टम की स्थापना करेगा, जो वेयरहाउसिंग के साथ-साथ वॉल्टिंग, एसेइंग और लॉजिस्टिक्स का काम देखेगा।

कमोडिटी पार्टिसिपेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CPAI) के प्रेसिडेंट नरिंद्र वाधवा ने कहा कि सरकार ने सेबी को एक डेजिगनेटेड रेगुलेटेर बनाने की घोषणा के साथ बुलियन एक्सचेंज की स्थापना की लंबी समय से चली आ रही मांग को देखते हुए एक निश्चित स्ट्रक्चर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा, ”भारत दुनिया में सबसे बड़े गोल्ड कंज्यूमर्स में से एक है। गोल्ड एक्सचेंज से सोने की लेनदेन को लेकर पारदर्शिता आएगी और इससे भारत कमोडिटी का दाम तय करने वाले देश के तौर पर उभरेगा।”

स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन ANMI के प्रेसिडेंट अनूप खंडेलवाल ने कहा कि सेबी लंबे समय से कैपिटल मार्केट को रेगुलेट कर रहा है और इसने ट्रांसपैरेंट मार्केट इकोसिस्टम विकसित किया है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि गोल्ड मार्केट रेगुलेटर के तौर पर भी सेबी ऐसा करना जारी रखेगा।


गौरतलब है कि 2018 में नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद की अगुवाई वाली समीति ने सुझाव दिया था कि सेबी को स्पॉट कमोडिटी एक्सचेंजेज का रेगुलेटर बनाया जाना चाहिए।