BJP का ब्रांड ऑफ गवर्नेंस क्या है? मई में पूरे हो रहे मोदी सरकार के 9 साल, बड़े जश्न की हो रही तैयारी

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BJP Brand of Governance: मई महीने में नौवें वर्ष में प्रवेश करने जा रही मोदी सरकार इस जश्न को मनाने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार कर रही है. बता दें कि 2024 में आम चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में सरकार गरीबों के कल्याण के लिए शुरू की गई अपनी योजनाओं के दीर्घकालिक परिणामों के बारे में लोगों को बताने के लिए प्रचार-प्रसार पर ध्यान केंद्रित कर रही है. इसी कड़ी में बीजेपी ने ब्रांड ऑफ गवर्नेंस के बारे में विस्तार से बताया है.

जानिए क्या है बीजेपी का ब्रांड ऑफ गवर्नेंस?

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ट्वीट कर पार्टी के ब्रांड ऑफ गवर्नेंस के बारे में विस्तार से बताया है. बीजेपी ने अपने ब्रांड ऑफ गवर्नेंस की सूची में गरीब कल्याण, ईज ऑफ लिविंग, महिला सशक्तिकरण, युवा शक्ति को अवसर, सुद्यढ़ कानून व्यवस्था, विकास भी विरासत भी, इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और लाभार्थियों को सीधा लाभ का जिक्र किया है.

कल्याणकारी योजनाओं का किया जाएगा प्रचार-प्रसार

सरकारी सूत्रों ने अनुसार, दीर्घकालिक प्रभाव यानी दूसरे क्रम का प्रभाव यह रेखांकित करता है कि कैसे कल्याणकारी योजनाओं या उपायों ने प्रत्यक्ष सकारात्मक प्रभाव डालने के अलावा लोगों को परोक्ष लाभ पहुंचाया. मोदी सरकार का ध्यान उन योजनाओं के बारे में बताने पर होगा जिन्होंने देश भर में बड़ी संख्या में लोगों के जीवन को प्रभावित किया है और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाया है. 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी प्रचार का खाका तैयार करने में जुटी है, जिनमें वह कल्याणकारी योजनाओं को शामिल कर सकती है.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ऐसी ही योजनाओं में से एक है. इसके तहत गरीब परिवारों को मुफ्त रसोई गैस का कनेक्शन दिया जाता है. इससे न सिर्फ करोड़ों महिलाओं को खाना पकाने में सहूलियत के रूप में प्रत्यक्ष लाभ हुआ है, बल्कि धुआं रहित और स्वच्छ ईंधन मिलने से उनकी सेहत भी ठीक रही है. इसके अलावा, उन्हें अब खाना पकाने के लिए जलावन लेने दूर नहीं जाना पड़ता और इससे जो समय बचता है उसमें वह कमाई के लिए कुछ और काम कर सकती हैं.

शौचालयों ने बीमारियों से निजात दिलाई

मोदी सरकार ने देश भर में करोड़ों शौचालयों का निर्माण कराया है. शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों में हर घर में पक्के शौचालय बनाए गए हैं. इससे न सिर्फ स स्वच्छता को बढ़ावा मिला, बल्कि गंदगी के चलते होने वाली कई बीमारियों से भी निजात मिली. स्कूलों में शौचालय बनवाने से छात्रों की संख्या बढ़ी है.

नल से जल योजना

सरकार ने हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए नल से जल योजना शुरू की है. इसके जरिए पहली बार करोड़ों घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंच पाया है. इसका भी सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं को ही हुआ है जिन्हें कई क्षेत्रों में दूर से पानी लेने के लिए जाना पड़ता था. स्वच्छ पानी पीने से लोगों को जल जनित विभिन्न बीमारियों से भी मुक्ति मिली है.

नया और अभिनव दृष्टिकोण

सूत्रों ने बताया कि दूसरे क्रम के प्रभाव यानी दीर्घकालिक प्रभावों को लोगों के सामने लाना एक नया और अभिनव दृष्टिकोण है, जो मोदी सरकार की नीतियों और योजनाओं के पीछे दूरगानी नजरिये को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभों के बारे में तो अक्सर चर्चा होती है, लेकिन उनके अप्रत्यक्ष लाभ भी उतने ही प्रभावी और स्थायी होते हैं.

कई योजनाओं के माध्यम से बनाई जा रही समाज कल्याण की व्यवस्था

वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत में कई योजनाओं के माध्यम से एक समाज कल्याणकारी व्यवस्था बनाई जा रही है जो देश के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदल रही है. पूर्व नौकरशाह विनोद राय की पुस्तक का विमोचन करने के बाद उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर नौकरशाही इन योजनाओं को बनाने, लागू करने, निगरानी रखने और उसमें सुधार करने के लिए नहीं होगी तो ऐसा कुछ भी संभव नहीं होगा. जयशंकर ने कहा कि देश का भविष्य बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि राजनीति और नौकरशाही एक साथ कितनी अच्छी तरह काम करते हैं. इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. जयशंकर ने कहा कि स्वतंत्रता के 40 वर्षों बाद भारत ने महसूस किया कि उसका आर्थिक मॉडल पुराना हो चुका है और फिर 1990 के दशक में सुधार के युग की शुरुआत हुई, लेकिन जब हमने सुधार की परिकल्पना की तो हमने बहुत सीमित तौर पर आर्थिक सुधारों को देखा.

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