बिहार के शशांक कुमार ने कड़ी मेहनत से पायी सफलता, अब उनकी फिल्म ‘एक्टिंग का भूत’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज

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आज फिर बिहार की बात हो रही है. कारण है बिहार का एक और टेलेंट जो उभर कर देश में सामने आया है. यूं तो बिहार से पहले भी बहुत से बड़े-बड़े कलाकार, वैज्ञानिक और विद्वान हुए है, लेकिन आज हम बात करने वाले है फिल्मी दुनिया में अपने कदम जमाने वाले एक ऐसे शख्स के बारे में, जिन्होंने कदम-कदम पर अपने आप को साबित करने के लिए परीक्षाएं दी, संघर्ष किया और आखिरकार जीत हासिल कर ली. आज हम बात कर रहे है. बिहार के लाला “शशांक कुमार” की, जिन्होंने बिहार से मुंबई तक और फिर फिल्मी दुनिया तक अपना सफर तय किया और आज सफल निर्देशक और निर्माता के तौर पर अपनी पहचान हासिल की. ये सफर आसान नहीं था. इस सफर में जीवन का एक हिस्सा “शशांक कुमार” ने संघर्ष और त्याग को दे दिया.

बिहार के शशांक कुमार ने कड़ी मेहनत से पाई सफलता

शशांक कुमार ने कई प्रोजेक्ट्स के बाद छोटे पर्दे पर काम किया. कई विज्ञापन करने के बाद साल 2015 में इन्होंने बड़े पर्दे की तरफ रुख किया और कठिन परिश्रम के बाद भी सफलता हासिल नहीं हुई. इस संघर्ष में शशांक कुमार ने जाना की नए कलाकारों का इस हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आना असंभव के जितना ही मुश्किल है. जहां लोग पहले से अपनी टीम बनाकर काम कर रहे है. वहां नए लोगों को टीम में आने के लिए बहुत से संघर्ष करने पड़ते है और पहले से मौजूद लोग नए लोगों को उनकी जगह बनाने नहीं देते.

शशांक कुमार ने की कड़ी मेहनत

इस अनुभव से शशांक कुमार बहुत निराश हुए, लेकिन हार नहीं मानी, और ठान लिया कि एक ऐसा मंच तैयार करेंगे, जहां हर कलाकार को केवल उसके गुण , काबिलियत और टेलेंट के दम पर काम मिल सके. इस सफर में शशांक कुमार ने, फिल्म अभिनेत्री “रजनी कटियार” के साथ मिलकर “मरमेड स्टूडियो एलएलपी” नाम से मुंबई में एक फिल्म प्रोडक्शन शुरू किया. शुरुआत में इस प्रोडक्शन से लोगो को जोड़ में बहुत कठिनाइयां हुई. लेकिन कहते हैं कि यदि कोई इंसान अपने दृढ़ विश्वास के साथ, मेहनत और ईमानदारी से किसी काम को करे तो पूरी कायनात ऐसे इंसान का साथ देती है और यही हुआ शशांक कुमार के साथ, जब अपनी पहली फिल्म “मोस्ट कॉमन बुड़बक” को बनाने के लिए उन्हे फिल्म निर्माता मनोज चौधरी का साथ मिला.

शशांक कुमार को पहली फिल्म के बाद हाथ लगी निराशा

शशांक कुमार ने अपने निर्देशन में फिल्म “मोस्ट कॉमन बुड़बक” को बनाया और 2020 में ये फिल्म बन कर तैयार हुई और जैसा कि पूरी दुनिया जानती है, 2020 में करोड़ों लोग करोना और लॉकडाउन का शिकार हुए. वहीं 2020 में फिल्म के रिलीज होने के 2 दिन बाद ही भारत में लॉकडाउन लग गया और इस ही वजह से फिल्म चल ना सकी और इस फिल्म के निर्माता और मरमेड स्टूडियो को काफी नुकसान हुआ. भला परीक्षाओं के बिना सफलता भी कहां मिलती है. शशांक कुमार , और मरमेड स्टूडियो का ये परिश्रम नहीं रुका.

एक्टिंग का भूत लेकर आये हैं शशांक कुमार

अब 2021 में फिर से एक नई फिल्म “एक्टिंग का भूत” लेकर मरमेड स्टूडियो ने दोबारा शुरुआत की और इस बार फिर से शशांक कुमार ने अपने निर्देशन में इस फिल्म को बनाया, लेकिन परीक्षा अभी खत्म नहीं हुई थी. इस फिल्म में करोड़ों रुपए और रात दिन की मेहनत के बाद भी इस फिल्म को कोई मंच ना मिल सका, और ये फिल्म पूरी होने के बाद भी रिलीज ना हो सकी. शशांक कुमार ने हिम्मत नही छोड़ी, जहां एक तरफ खुद को संभाला. वहीं दूसरी तरफ फिल्म से जुड़े कलाकारों और मेकर्स को भी हिम्मत नहीं हारने दी और भरोसा बनाए रखा कि इस फिल्म को रिलीज करके ही मानेंगे.

सिनेमाघरों में इस दिन रिलीज होगी एक्टिंग का भूत

शशांक कुमार ने ये तय कर लिया कि जब तक इस फिल्म को रिलीज नहीं कर देंगे, तब तक किसी और प्रोजेक्ट को नहीं बनाएंगे और इस तरह रात दिन केवल “एक्टिंग का भूत” फिल्म को रिलीज करने और कामयाब करने का प्रयास किया. यह आसान नहीं था सब की उम्मीदें अब टूट चुकी थी. मगर एक शक्श ने ना तो उम्मीद छोड़ी, और ना ही प्रयास छोड़ा और जैसा कि हर रात के बाद एक सुबह आती है, वैसे ही एक दिन आया जब सब को खबर मिली कि इस फिल्म “एक्टिंग का भूत” को रिलीज किया जा रहा है. जी म्यूजिक कम्पनी के साथ इस फिल्म को सिनेमाघर तक पहुंचने का कार्य अब पूरा हो चुका है।.

कोशिश करने वाले की कभी हार नहीं होती

ये समय पूरी टीम को भावुक कर चुका था. सब जैसे कोई खोया हुआ अपना दोबारा पा लिया था और अब इस फिल्म को लेकर बहुत सी खबरें आ रही है. कही न कहीं लोगो और दर्शको को इस बात का पता नही होता है कि किसी फिल्म को बनाकर उसे एक मुकाम तक पहुंचने में कितना समय और संघर्ष लगता है. शशांक कुमार ने ना सिर्फ उभरते हुए कलाकारों को मंच दिया. बल्कि ये साबित भी किया कि यदि इंसान चाहे तो कुछ भी कर सकता है. शशांक कुमार ने ना केवल बतौर निर्देशक अपना नाम बनाया बल्कि बिहार का नाम पूरे भारत में रोशन किया. साथ ही नए कलाकारों के लिए एक मंच भी तैयार किया. देखा जाए तो आज एक कहावत सही साबित हो गई ” कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती”.

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