18 साल की उम्र में इस युवा ने संभाली आदर्श नगर जिला यूथ कांग्रेस के महासचिव पद की जिम्मेवारी

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खुुदी को कर बुलंद इतना कि हर तदबीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है… इन पंक्तियों को दोहराते हुए आत्मविश्वास से लबरेज इस शख्सियत को हम अनुराग गर्ग के नाम से जानते हैं। अनुराग ना सिर्फ एक कर्मनिष्ठ व्यक्ति हैं बल्कि विरासत में अपने पिता से मिली समाजसेवा की परंपरा को भी आगे बढ़ा रहे हैं।

सन् 1972 में इनका परिवार सोनीपत के बहालगढ़ से दिल्ली आकर बस गया। इसके बाद सन् 1976 में अनुराग गर्ग का जन्म हुआ। जब अनुराग मात्र सोलह साल के थे तभी इन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान ही पिताजी के व्यवसाय में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। पिताजी गद्दों का व्यवसाय करते थे और बेहद धार्मिक और परोपकारी स्वभाव के व्यक्ति थे। पिता का सान्निध्य और उनकी परोपकार की आदतों ने युवा अनुराग के कोमल मन पर अमिट छाप छोड़ी। 1992 में पिताजी के देहांत के बाद जिस युवा अनुराग ने कारोबार में कदम रखा था। देखते ही देखते महज तीन सालों में उन्होंने अपनी मेहनत से एक से दूसरे और दूसरे से तीसरी दुकान खोलने में कामयाबी हासिल कर ली। आज के.के. फोम ट्रेडर्स की तीन-तीन दुकानें महेन्दू्र इन्क्लेव में अनुराग की मेहनत और लगन की साक्षी हैं।

कांग्रेस की विचारधारा से हमेशा प्रभावित रहे अनुराग गर्ग ने 1995-96 में महज 18 साल की उम्र में आदर्श नगर जिला यूथ कांग्रेस के महासचिव पद की जिम्मेवारी संभाली। इसके बाद अनुराग ने अथक मेहनत कर युवाओं को अपनी टीम में जोड़ा। इनकी कार्यशैली का कायल होकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इन्हें अपने व्यापार प्रकोष्ठ में बतौर महासचिव जगह दी। इस पद पर श्री गर्ग 2008 तक कार्य करते रहे। फिर 2011 में व्यापार-प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष बनाये गये। इसके बाद सन् 2012 में जिला कांग्रेस कमेटी में इन्हें कोषाध्यक्ष बनाया गया।

अनुराग गर्ग लगातार कांग्रेस परिवार में अपना कद बढ़ाते गये और एक वक्त ऐसा भी आया जब परिसीमन के बाद निगम चुनावों में कांग्रेस ने धीरपुर वार्ड से इन्हें अपना प्रत्याशी बनाया। चुनाव में नतीजे तो प्रतिकूल रहे लेकिन ये 5500 वोट हासिल करने में कामयाब रहे। ये बात क्षेत्र में इनकी पकड़ और लोकप्रियता साबित करने के लिए काफी है कि जब आम आदमी पार्टी अपने पूरे चरम पर थी तब भी आम आदमी पार्टी को केवल 6000 वोट ही मिले।

अनुराग गर्ग के जीवन में एक और महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब सन् 1995 में युवा एकता मंच का गठन किया गया। युवा एकता मंच के अध्यक्ष के तौर पर अनुराग गर्ग ने कर्मठता की सीमाएं तोड़ दीं। इस संस्था के बैनर तले हर साल होने वाले विशाल कार्यक्रम में हर पार्टी, हर तबके का व्यक्ति शिरकत करता है। ये अनुराग गर्ग की सामाजिक लोकप्रियता का दूसरा पैमाना है जिसपर अनुराग गर्ग अक्सर खरे उतरते हैं। इतना ही नहीं धार्मिक प्रवृत्ति के अनुराग गर्ग क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं में विशिष्ठ पदों पर अपना योगदान दे रहे हैं।

  • केवल पार्क अग्रवाल सभा के सहसचिव
  • श्री आदर्श कला केन्द्र केवल पार्क के संरक्षक
  • श्री राम मंदिर सभा केवल पार्क के संरक्षक ट्रस्टी
  • प्राचीन शिव मंदिर केवल पार्क के संस्थापक ट्रस्टी
  • अग्रवाल धर्मशाला आदर्श नगर के ट्रस्टी
  • श्री राम मंदिर मजलिस पार्क के ट्रस्टी
  • सूरज नगर दुर्गा मंदिर धर्मशाला के ट्रस्टी
  • श्री श्याम मस्ताना मंडल के संरक्षक
  • समस्त श्याम भक्त सेवा परिवार के सदस्य
  • जनजागृति मिशन, धीरपुर के संरक्षक

अनुराग गर्ग के जीवन में जहां एक ओर उपलब्धियों की लम्बी फेहरिस्त है, वहीं व्यक्तिगत तौर पर श्री गर्ग की दिनचर्या भी लोगों की सेवा में समर्पित रहती है। लार्जर दैन लाइफ की उक्ति को चरितार्थ करते हुए अनुराग गर्ग लोहड़ी में पंजाबी बिरादरी के साथ अपने नये साल की शुरूआत करते हैं। हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रान्ति के मौके पर श्री श्याम मस्ताना मंडल द्वारा गरीब परिवार की कन्याओं के लिए आयोजित विवाह समारोह में गद्दों व तकियों की सेवा देते हैं।

इसके साथ ही दशहरे के मौके पर क्षेत्र की सभी रामलीलाओं में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होते हैं और दीवाली पर गरीब परिवारों में मिठाई बांटते हैं। 25 दिसम्बर को चर्च में जाकर क्रिसमस मनाते हैं। इसके अलावा भी अनुराग गर्ग रोजमर्रा के कामों से इतर वोटर कार्ड बनवाने, राशन कार्ड बनवाने, वृक्षारोपण करने और साल में दो दफा स्वयं रक्तदान करके अपनी मानवीय जिम्मेवारी निभाते हैं।