दिल्ली में पार्षदों के काम का किया जा रहा हैं आंकलन, तय होगा सियासी भविष्य

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अपने वार्ड में सफाई का विशेष ख्याल रखने वाले पार्षदों को भाजपा ने सम्मानित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही गंदे वार्ड वाले पार्षदों को सियासी नुकसान के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि इसके आधार पर उनके कामकाज का आंकलन किया जा रहा है। इस काम के लिए पार्टी ने प्रत्येक विधानसभा में वरिष्ठ नेताओं की तैनाती की है। पार्टी नेतृत्व को उनकी रिपोर्ट मिल गई है और जल्द तीनों नगर निगमों के सबसे साफ तीन-तीन वार्डों की सूची सार्वजनिक की जाएगी। यह काम आगे भी जारी रहेगा, यानी पार्षदों के कामकाज पर संगठन की पूरी नजर रहेगी।

मार्च, 2021 में नगर निगमों का चुनाव है। भाजपा के सामने जहां चौथी बार जीत हासिल करने की चुनौती है। वहीं, आम आदमी पार्टी की कोशिश निगम की सत्ता अपने हाथ में लेने की है जिसके लिए उसने घेरेबंदी शुरू कर दी है। भाजपा शासित निगमों को कठघरे में खड़ा करने का कोई भी मौका वह हाथ से नहीं जाने देना चाहती है। उसके नेता निगमों के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। इसे लेकर भाजपा नेतृत्व भी सतर्क हो गया है। वह विरोधियों को जवाब देने के साथ ही पार्षदों के कामकाज में सुधार लाने का फैसला किया है। इसी कड़ी में भाजपा पार्षद वाले प्रत्येक वार्ड में सफाई व्यवस्था की समीक्षा हो रही है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।


इस काम के लिए पार्टी ने 70 नेताओं की टीम तैयार की है जिसमें प्रदेश के वर्तमान व पूर्व पदाधिकारियों के साथ ही पूर्व विधायक भी शामिल हैं। दीपावली के पहले प्रत्येक नेता अपने लिए निर्धारित विधानसभा क्षेत्र के वार्डों का दौरा कर रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंप दी है। वार्डों की रैंकिंग तैयार की जा रही है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम और पूर्वी दिल्ली नगर निगम से तीन-तीन सबसे साफ वार्डों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही कार्यक्रम आयोजित होगा। पार्टी के नेताओं का कहना है कि लगभग 70 फीसद भाजपा पार्षदों वालें वार्डों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक है। खराब प्रदर्शन वाले वार्डों के पार्षदों को इसमें सुधार लाने को कहा जाएगा।


प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि इस पहल से पार्षदों के कामकाज में सुधार लाने में मदद मिलेगी। स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों के साथ संवाद हो सकेगा। पहले चरण के सफाई व्यवस्था की समीक्षा की गई है। आने वाले दिनों में अन्य कार्यों की भी समीक्षा होगी। लोगों से बातचीत करके खामियों की पहचान की जाएगी। रिपोर्ट कार्ड के आधार पर पार्षद के सियासी भविष्य का भी फैसला किया जाएगा।

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