Assembly Election: चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने कसी कमर, पांच राज्यों में वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला

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Assembly Election: निर्वाचन आयोग ने काम में ढिलाई को लेकर पांच चुनावी राज्यों में कई शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का बुधवार को तबादला करने का आदेश दिया. इनमें 25 पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक, नौ जिलाधिकारी (डीएम) और चार सचिव व विशेष सचिव शामिल हैं. सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों के मुताबिक, एक समीक्षा के दौरान आयोग ने पाया कि कुछ अधिकारियों का प्रदर्शन “असंतोषजनक” था और मतदान के लिए प्रलोभन देने को लेकर शराब की अवैध आपूर्ति जैसे विभिन्न मामलों को लेकर उनका रुख गंभीर नहीं था. आयोग ने स्थानांतरित किए गए अधिकारियों से कहा है कि वे अपना प्रभार तत्काल संबंधित कनिष्ठ अधिकारियों को सौंप दें. आयोग ने संबंधित राज्य सरकारों को भी आदेश दिया है कि वे बृहस्पतिवार शाम तक अधिकारियों की एक सूची भेजें जिन्हें स्थानांतरित किए गए अफसरों के स्थान पर नियुक्त किया जा सके.

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में सात से 30 नवंबर के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं और मतगणना तीन दिसंबर को होगी. इन पांच राज्यों में अपनी समीक्षा बैठकों के दौरान, आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों और जिला प्रशासनों को चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रलोभन के लिए चीज़ों के वितरण को लेकर निगरानी बढ़ाने और इसे कतई बर्दाश्त नहीं करने का निर्देश दिया था. मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने चुनावों की घोषणा के दौरान प्रेस वार्ता में कहा था, आयोग ने निर्देश दिया है कि शराब, नकदी, नशीले पदार्थ और मुफ्त वस्तुओं की आवाजाही और वितरण बंद कर दिया जाना चाहिए. स्वतंत्र, निष्पक्ष और प्रलोभन मुक्त चुनाव के लिए हमारी ये चार सर्वोच्च प्राथमिकता हैं.

आयोग से मिली जानकारी के हवाले से सूत्रों ने बताया कि हरियाणा और पंजाब से अवैध शराब हनुमानगढ़, चुरु, झुनझुनू और अलवर जिलों से राजस्थान में प्रवेश करती है ताकि उसकी आपूर्ति राज्य के अंदरुनी जिलों में की जा सके. साथ में गुजरात से भी शराब आती है. इन संवेदनशील जिलों में अधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन करने के बाद आयोग ने राजस्थान में हनुमानगढ़, चूरू और भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और अलवर जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) के तबादले का आदेश दिया है. इसी तरह, तेलंगाना में समीक्षा बैठक के दौरान, आयोग ने कहा कि कई गैर-कैडर अधिकारियों को जिला प्रभारी के रूप में तैनात किया गया है, जबकि प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं के अधिकारियों को गैर-महत्वपूर्ण तैनाती दी गई है.

एसपी और पुलिस आयुक्त के तबादलों का आदेश

आयोग ने अब राज्य के 13 एसपी और पुलिस आयुक्त के तबादलों का आदेश दिया है. तेलंगाना में स्थानांतरित किए गए 13 पुलिस अधिकारियों में से नौ गैर-कैडर पुलिस अफसर हैं. हैदराबाद, वारंगल और निज़ामाबाद के पुलिस आयुक्तों का तबादला कर दिया गया है. प्रदर्शन और प्रासंगिक सूचनाओं का आकलन करने के बाद, तेलंगाना में रंगारेड्डी, मेडचल मलकाजगिरि, यदाद्री भुवनगिरी, निर्मल जिलों के डीईओ को भी स्थानांतरित कर दिया गया है. सूत्रों ने कहा कि तेलंगाना में मुनुगोडे विधानसभा सीट पर हाल में हुए उपचुनाव के दौरान धनबल के दुरुपयोग की बड़े पैमाने पर शिकायतें मिली थीं. आयोग ने तेलंगाना में परिवहन सचिव, निषेध और आबकारी निदेशक और वाणिज्यिक कर आयुक्त को हटाने का भी आदेश दिया तेलंगाना सरकार को चुनाव के दौरान अधिक कार्य को देखते हुए आबकारी और वाणिज्यिक कर विभाग के लिए अलग से एक प्रधान सचिव नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया है. इससे पहले, तेलंगाना के मुख्य सचिव विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे.

सीमा सुरक्षा बल और असम राइफल्स मिजोरम और राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. सूत्रों ने कहा कि राजस्थान के चार सीमावर्ती जिले – जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर – नशीले पदार्थों की तस्करी की चपेट में हैं. आयोग ‘प्रलोभन मुक्त’ चुनाव कराने के लिए मुस्तैद है और पिछले छह विधानसभा चुनावों- गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा और कर्नाटक में 1400 करोड़ रुपये से ज्यादा की जब्ती की गई थी.

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