ASI अफसर ने बताया, लालकिला में आखिर दोबारा क्यों बनाई गई है मुगलकालीन सड़क

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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) ने लाल किला में एक सड़क तैयार की है। नवनिर्मित इस सड़क को ठीक उसी तरह बनाया गया है जिस तरह मुगलकाल में थी, मगर देश को मिली आजादी के बाद भारतीय सेना ने अपने ट्रक अंदर ले जाने के लिए इस सड़क को तोड़ दिया था। फिर इसके स्थान पर कंक्रीट की सड़क बना दी थी।

इतिहासकारों की मानें तो सेना को मुगलकालीन सड़क पर ट्रक निकालने में असुविधा होती थी। मुगलकालीन सड़क दिल्ली कॉर्टराइज की बनी थी। दरअसल, कार्टराइज एक पत्थर है, जो दिल्ली और एनसीआर में ही मिलता है। अब दिल्ली में पत्थर निकालने पर प्रतिबंध होने के चलते सड़क बनाने के लिए फरीदाबाद से मंगाया गया है और इसके टुकड़े बनाकर सड़क काे बनाया गया है।

एएसआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कॉर्टराइज से बनी सड़क पर पैदल चलना आसान रहता है और इससे बनी सड़क वर्षों तक खराब नहीं होती है। इसमें मरम्मत की भी ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती है। दस्तावेजों से पता चला है कि लालकिला में यह सड़क दिल्ली गेट से लेकर लालकिला के उत्तरी छोर तक थी, जिसकी लंबाई करीब एक किलोमीटर है। उसी भाग पर अब फिर से इस सड़क को बनाया गया है।


लालकिला में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था की गई बेहतर

लालकिला में पीने के पानी की व्यवस्था और बेहतर की गई है। पीने के पानी की गुणवत्ता की लगातार जांच की जा रही है। एएसआइ का प्रयास है कि उपलब्ध कराए जा आरओ के पानी को इतना शुद्ध उपलब्ध कराया जाए कि लोग बाहर से पानी लेकर नहीं आएं। इसी के तहत नए प्याऊ बनाए गए हैं। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि पीने का पानी कम न पड़े। वहीं, शौचालय की सुविधा बेहतर की गई है। जहां पहले शौचालय उपयोग के पांच रुपये लिए जाते थे। मोदी सरकार के स्वच्छता अभियान को अपनाते हुए इसे फ्री कर दिया गया है।